रोजा अफ्तार पार्टियों की सियासी तिजारत के खिलाफ सोशलिस्ट फ्रंट
रोजा अफ्तार पार्टियों की सियासी तिजारत के खिलाफ सोशलिस्ट फ्रंट
लखनऊ। रमजान का पाक महीना आने वाला है और इस पाक महीने में रोज़ा अफ्तार पार्टियों के जरिये सेक्युलर टोपी पहनने का खेल भी शुरू होने ही वाला है। ऐसे में सोशलिस्ट फ्रंट ऑफ इंडिया ने एक नई पहल करते हुए एलान कर दिया है कि मौलाना खालिद मुजाहिद के हत्यारे पुलिस अधिकारियों की गिरफ्तारी हुए बिना अगर किसी धर्मगुरू ने किसी सपा नेता को अफ्तार पार्टी में बुलाया तो से काले झण्डे दिखाए जाएंगे।
अली मार्केट सआदतगंज लखनऊ में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ बैठक के बाद सोशलिस्ट फ्रन्ट के अघ्यक्ष मोहम्मद आफाक और हाजी मो0 फहीम सिद्दीकी ने कहा कि खालिद मुजाहिद की मौत नहीं हत्या है। मो0 आफाक और डॉ0 कमरूद्दीन कमर ने अपने संयुक्त बयान में कहा कि रिहाई मंच का जो धरना जिसके आज 42 दिन पूरे हो रहे हैं यहाँ से हम लोग रिहाई मंच के धरने में जायेंगे।
फ्रंट के नेताओं ने लोगों से अनुरोध किया कि वे घर-घर मुहल्ला-मुहल्ला जाकर रिहाई मंच के बारे में लोगों को बतायें कि रिहाई मंच बेगुनाहों की लड़ाई लड़ने वाला मंच है और सोशलिस्ट फ्रन्ट ऑफ इण्डिया पहले ही दिन से उसके साथ है और तमाम राजनीकि व गैर राजनीकि लोग उसके साथ हैं। अगर हमें इंसाफ न मिला, खालिद मुजाहिद के 42 हत्यारों को जेल न भेजा गया तो रमजान के पाक महीने में जो एतिहासिक जंग बताई जाती है उसी जंग की शक्ल में सोशलिस्ट फ्रंट लड़ाई लड़ेगा। उन्होंने कहा कि रमजान की 6 तारीख को ईदगाह में रोजा अफ्तार होता है उसमें शहर के सियासी धर्म गुरू भीड़ लगा कर शहर की भोली-भाली जनता को बुला कर खिलाते पिलाते हैं। बेशक हम भी रोजा खोलने उस मजमे में जायेंगे मगर शहीद खालिद मुजाहिद को इंसाफ मिलने के बाद। अगर शहीद खालिद मुजाहिद को इंसाफ नहीं मिलता है तो सोशलिस्ट फ्रन्ट आफ इण्डिया वहां मौजूद सपाइयों को काले झण्डों दिखायेगा। फ्रंट की तरफ से इसके अलावा रमजान की सभी राजनीतिक अफ्तार पार्टियों का बहिष्कार किया जायेगा तथा उसमें सम्मिलित होन वाले सभी सपाई सियासी धर्म गुरूओं को काले झंडे दिखा कर उनके करतूतों की याद दिलाई जायेगी। फ्रंट ने दावा किया है कि इस फैसले का वहां मौजूद लोगों ने स्वागत किया और पूर्ण सहयोग का संकल्प लिया।
फ्रंट की विक्षप्ति में बताया गया है कि मीटिंग में मुख्य रूप से मो0 आफाक, डा0 कमरूद्दी कमर, उसमान अली, शमीम वारसी प्यारे मिर्जा, मो0 शुऐब, महमूद रजा, जुबैर जौनपुरी, काजी साहब शादी वाले, मो0 फहीम सिद्दीकी, मेहदी हसन टिंकू, रफी हैदर, प्रोफेसर हुसैन, दानिश, नाजिम हुसैन, मंसूर आगा सहित बहुत से लोग मौजूद थे।


