रोहित वेमुला के जन्मदिन पर कैंडल लाइट विजिल
इलाहाबाद। रोहित वेमुला के जन्मदिन पर कैंडल लाइट विजिल का आयोजन किया गया।
रात में ग्यारह बजे लोग वीमेन हॉस्टल पर इकठ्ठा हुए। इतने कम समय की कॉल और जनवरी की ठण्डी रात के बावजूद बहुत से साथी पूरे जोश से समय पर पहुँच गए। छात्राएं और छात्र होस्टल से निकल आये। आईसा के कार्यकर्ता, ऋचा और उनके साथी प्रलेस के लेखक और तमाम प्रगतिशील मित्र आ पहुँचे।
प्रलेस से जुड़ी संध्या नवोदिता ने बताया कि “हम सबने एक ऐसे बहादुर नौजवान का जन्मदिन मनाया जो आज सत्ताईस बरस का हो जाता। पर आज वह सितारों की दुनिया में है। और उसकी लड़ाई को तमाम नौजवानों ने अपनी लड़ाई बना लिया है।
रोहित वेमुला इस अमानवीय, षड्यंत्रकारी, अन्यायी और भेदभाव करने वाली व्यवस्था का शिकार हुआ है।“
छात्र नारे लगा रहे थे रोहित वेमुला तुम्हारे सपनो को हम मंजिल तक पहुंचाएंगे, लड़ेंगे, जीतेंगे... इंकलाब ज़िंदाबाद ... तो मन भारी हो रहा था।
संध्या नवोदिता ने कहा, “ये नारे सालों से लगाए जा रहे हैं। और सालों से दमन उत्पीड़न का लम्बा दौर चल रहा है। वे नौजवानो को मार डालते हैं। कभी गोली, कभी लाठी.. लेकिन नौजवान फिर दोगुने जोश से पैदा होते हैं, और फिर न्याय के लिए अपनी आवाज़ बुलन्द करते हैं! यही चलता आया है, और यह तब तक चलेगा जब तक लोग मरने को मजबूर किये जाते रहेंगे।“
संध्या नवोदिता ने बतायाकि इतनी रात में बुजुर्ग साथी सबसे पहले आ गए। डा. उर्मिला जैन और महेंद्र राजा जैन। अंशु, उत्पला, रामसागर जी, आनंद मालवीय, प्रकर्ष मालवीय, शालू मिताक्षरा, अविनाश मिश्रा, डा. अनिल पुष्कर सहित विश्वविद्यालय के तमाम छात्र और आइसा से जुड़े साथी ... हम सब मिलकर वीमेन होस्टल से छात्र संघ भवन तक मार्च की शक्ल तक पहुंचे। और वहां लाल पद्मधर की मूर्ति पर रोहित वेमुला के जन्मदिन पर मोमबत्तियां जलाईं।