भीष्म पितामह के चरित्र से सीख लें नेताजी, नये रूप में जल्द आयेगा शक्तिमान
विद्या सागर
पटना। महाभारत के भीष्म पितामह व बच्चों के प्रेरणास्रेत शक्तिमान मुकेश खन्ना को देखते की बच्चे से लेकर वृद्ध हाथ जोड़कर प्रणाम करते हैं। अभी तक टेलीविजन पर लोगों ने भीष्म पितामह को देखा था। आज जब वे पटना आये तो उन्हें देखकर बुजुर्ग ने प्रणाम किया जबकि वच्चों ने शक्तिमान को देख उनसे आसमान में उड़ने को कहा।
इस दौरान सिने अभिनेता मुकेश खन्ना ने कहा कि बिहार को देखकर मैं चकित रह गया। यहां के बारे में जो बाहर में सुना, वह गलत निकला। यहां की सरकार ने हर तरफ विकास किया है। सूबे में प्रतिभा की कमी नहीं है। हर व्यक्ति कलाकार होता है। जरूरत है उसे अपने अंदर के कलाकार को पहचानने की। कला को पहचान कर बेहतर प्रदर्शन करें तो मंजिल कदम चूमेगी। नवोदित कलाकारों से उन्होंने कहा कि किसी सीरियल या रियलिटी शो में आ जाने से वे अपनी पढ़ाई बंद नहीं करें। बिहार के लोग प्रतिभावान हैं। राजनीति बिहारियों को विरासत में मिली है। गंदी राजनीति से हटकर देश सेवा की भावना से सूबे के युवा आगे आयें। नेताओं को उन्होंने महाभारत का भीष्म पितामह बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज भ्रष्टाचार में लिप्त नेता महाभारत के दुर्योधन से भी ज्यादा दुष्ट हैं।
शक्तिमान के रोल पर उन्होंने कहा कि शक्तिमान के माध्यम से वे देश के युवाओं को शक्तिमान बनने का आह्वान करते हैं। आज देश को सर्वशक्तिमान बनाने के लिए युवाओं को शक्तिशाली बनना वक्त की मांग है।
राष्ट्रीय जनता दल नेता लालू प्रसाद यादव, के बारे में मुकेश खन्ना ने कहा कि लालू जी हमसे बेहतर कलाकार हैं, जिन्होंने बिहार को पंद्रह वर्षो तक और रेलवे को पांच वर्षो तक चलाया।
भीष्म पितामह व शक्तिमान दोनों अलग चरित्र हैं, इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि महाभारत में मेरा शुभकामना का रोल है वहीं शक्तिमान में देश के बच्चों को शक्तिमान बनाने का रोल किया है। हिन्दी व भोजपुरी फिल्मों में फूहड़पन के सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में व गाने समाज को गलत दिशा में ले जा रहे हैं। प्रेरणादायी फिल्में व गाने वक्त की जरूरत हैं। उनके नये सीरियल या फिल्म के बारे पूछे गये सवाल पर उन्होंने कहा कि शक्तिमान को फिर से नये रूप में लाने की तैयारी चल रही है।
विद्या सागर, पटना स्थित युवा पत्रकार हैं।