लालू ने पूछा - 50 दिन बाद स्थिति सामान्य नहीं हुई तो मोदी इस्तीफा देंगे या मुंह छुपाते घूमेंगे?
लालू ने पूछा - 50 दिन बाद स्थिति सामान्य नहीं हुई तो मोदी इस्तीफा देंगे या मुंह छुपाते घूमेंगे?
लालू ने पूछा - 50 दिन बाद स्थिति सामान्य नहीं हुई तो मोदी इस्तीफा देंगे या मुंह छुपाते घूमेंगे?
नई दिल्ली, 8 दिसंबर। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद ने नोटबंदी पर देश के बिगड़ते हालात पर चिंता जाहिर करते हुए सवाल किया है कि अगर प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 50 दिन बाद स्थिति सामान्य नहीं हुई तो मोदी जी इस्तीफा देंगे या मुंह छुपाते घूमेंगे?
राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद ने नोटबंदी के एक महीने पूरे होने पर माइक्रोब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर एक के बाद कई ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर हमले किए।
उन्होंने सवाल करते हुए ट्वीट किया,
'पीएम के 50 दिन की मोहलत में 22 दिन बाकी है। 50 दिन बाद भी स्थिति सामान्य नहीं हुई तो क्या मोदी जी इस्तीफा देंगे या मुंह छुपाते घूमेंगे?'
उन्होंने ट्वीट किया –
भागते भूत की लँगोटी भली।
नोटबन्दी में मिट्टी पलीत होते देख PM काला धन का आलाप त्याग, अब #CashlessEconomy के पल्लू में छुप रहे हैं।
उन्होंने कहा
जो 90लोग प्रत्यक्ष रूप से नोटबन्दी की भेंट चढ़ गए वे क्या गैर मुल्क़ी थे? उनके परिवार का भार कौन लेगा? PM के पास उनके लिए समय/शब्द भी नहीं?
उन्होंने कहा
मोदी जी, देश महानगरों से ही नहीं बना है। आपका यह अर्थव्यवस्था पर थोपा घातक प्रयोग गाँवों में अन्न,जीवन, मृत्यु, भविष्य का प्रश्न बन गया है।
उन्होंने कहा
ना प्रधानमंत्री, ना उनके मंत्री, ना आर्थिक सलाहकारों या नीति आयोग को गाँवों की समझ है। ग्रामीणों की व्यथा को समझना तो बहुत दूर की कौड़ी होगी।
भागते भूत की लँगोटी भली।
नोटबन्दी में मिट्टी पलीत होते देख PM काला धन का आलाप त्याग, अब #CashlessEconomy के पल्लू में छुप रहे हैं।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) December 8, 2016
जो 90लोग प्रत्यक्ष रूप से नोटबन्दी की भेंट चढ़ गए वे क्या गैर मुल्क़ी थे? उनके परिवार का भार कौन लेगा? PM के पास उनके लिए समय/शब्द भी नहीं?
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) December 8, 2016
मोदी जी, देश महानगरों से ही नहीं बना है।आपका यह अर्थव्यवस्था पर थोपा घातक प्रयोग गाँवों में अन्न,जीवन, मृत्यु, भविष्य का प्रश्न बन गया है।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) December 8, 2016
मोदी जी, देश महानगरों से ही नहीं बना है।आपका यह अर्थव्यवस्था पर थोपा घातक प्रयोग गाँवों में अन्न,जीवन, मृत्यु, भविष्य का प्रश्न बन गया है।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) December 8, 2016
ना प्रधानमंत्री,ना उनके मंत्री,ना आर्थिक सलाहकारों या नीति आयोग को गाँवों की समझ है। ग्रामीणों की व्यथा को समझना तो बहुत दूर की कौड़ी होगी।
— Lalu Prasad Yadav (@laluprasadrjd) December 8, 2016


