स्लमडॉग मिलियनेयर एडिटर अनुराधा सिंह होंगी साथ, अगले महीने जाएंगे सोनू निगम

टीवी सीरियल 'ऑफिस-ऑफिसÓ से बॉलीवुड तक का सफर तय कर चुके जाने-माने अभिनेता हेमंत पांडे भी इंसानियत और अंतरराष्ट्रीय भाईचारे के लिए काम कर रही प्रसिद्ध हस्तियों में शामिल हो गए हैं। छोटे पर्दे के बाद 'क्रिशÓ और हाल ही में रिलीज हुई फिल्म 'रेडीÓ में अभिनय के लिए प्रशंसा बटोरने वाले हेमंत इंसानियत और आध्यात्मिक पर्यटन पर जागरूकता फैलाने के लिए लेह-लद्दाख में महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर पर एक फिल्म की शूटिंग करने जा रहे हैं। इसमें ऑस्कर विजेता फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियरÓ समेत छह हॉलीवुड फिल्मों और कई हिंदी फिल्मों की एडिटर अनुराधा सिंह भी उनके साथ होंगी।

इससे पहले मशहूर ब्रिटिश सिंगर एवं अभिनेत्री मिली मूनस्टोन लेह स्थित महाबोधि का दौरा कर चुकी हैं, जबकि पाश्र्व गायक सोनू निगम अगले महीने महाबोधि स्कूल के बच्चों के साथ एक आध्यात्मिक वीडियो की शूटिंग के लिए जा रहे हैं। हेमंत महाबोधि के देवाचन परिसर में इस डॉक्यूमेंट्री फिल्म की शूटिंग करने जा रहे हैं। डॉक्यूमेंट्री के डायरेक्टर हरीश शर्मा ने कहा, 'मैं हेमंत का शुक्रगुजार हूं कि उन्होंने इस काम में मुझे अपने साथ लिया। यदि मौसम ने साथ दिया तो हम इस महीने के आखिरी सप्ताह में शूटिंग करेंगे। उन्होंने हाल ही में चंडीगढ़ के नजदीक मोरनी हिल्स में हेमंत के साथ एक एडवेंचर फिल्म '२ नाइट्स इन सोल वैलीÓ की शूटिंग की थी।

हेमंत की यह डॉक्यूमेंट्री फिल्म महाबोधि के देवाचन परिसर पर केंद्रित रहेगी। ह ते भर की शूटिंग में १९८६ में महाबोधि के बनने से अब तक के सफर और विजन को कवर किया जाएगा। यह देखना दिलचस्प होगा कि कैसे महाबोधि लद्दाख के दूर-दराज गांवों के अनाथ व गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए वरदान साबित हुआ है। इससे भी दिलचस्प होगा इन बच्चों के सपनों को पर लगाने और गुमनाव गांव से निकलकर विदेशों तक पहुंचने वाले बच्चों की कहानी को देखना। इस डॉक्यूमेंट्री की स्क्रीनिंग राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में भी की जाएगी।

इस डॉक्यूमेंट्री की योजना आध्यात्मिक पर्यटन को समर्पित संस्था 'शोग्रोÓ ने बनायी और इसकी शूटिंग का कार्यक्रम भी तय किया। 'शोग्रोÓ के डायरेक्टर नरविजय यादव ने कहा कि महाबोधि में लद्दाख की बच्चियों की शिक्षा के लिए जो प्रयास किये जा रहे हैं वो अद्वित्तीय है। उन्होंने कहा, 'यह बौद्ध भिक्षु संघसेना का नि:स्वार्थ भाव से किया जाने वाला सामाजिक कार्य है जिससे लेह को अंतरराष्ट्रीय याति मिल रही है और वहां के लोगों को रहन-सहन की बेहतर सुविधाएं।Ó उन्होंने बताया कि चंडीगढ़ के वरिष्ठ पत्रकार सरबजीत पंधेर की अगुवाई में फोटोग्राफरों का एक दल भी २४ जून को लेह पहुंच रहा है।

महाबोधि के संस्थापक निदेशक भिक्षु संघसेना ने आध्यात्मिकता और लेह के विकास को डॉक्यूमेंट्री का विषय चुनने के लिए फिल्म यूनिट को शुभकामनाएं दीं। संघसेना ने कहा 'इससे लोगों को लद्दाख के बारे में और ज्यादा जानने का मौका मिलेगा, जो हमारे ही देश का भूला हुआ हिस्सा है। मुझे उ मीद है कि इससे लद्दाख आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित होगा और इलाके की अर्थव्यवस्था सुधरेगी तथा लोगों को बेहतर जीवन-शैली मिलेगी।Ó उन्होंने कहा 'हालांकि हमने १० साल पहले देवाचन में ५० बेड का एक अस्पताल बनाया था, लेकिन लोगों को अब भी पर्याप्त चिकित्सा सुविधा नहीं मिल पा रही है। डॉक्टरों व आमजन से विनती है कि वे अस्पताल चलाने में हमारी मदद करें।Ó