वायरल हो रहा “अमीरों के लालच के लिये मारे गये गरीबों की लाशों को ढंकने वाले कपड़े को राष्ट्र ध्वज कहते हैं ၊”
वायरल हो रहा “अमीरों के लालच के लिये मारे गये गरीबों की लाशों को ढंकने वाले कपड़े को राष्ट्र ध्वज कहते हैं ၊”
वायरल हो रहा “अमीरों के लालच के लिये मारे गये गरीबों की लाशों को ढंकने वाले कपड़े को राष्ट्र ध्वज कहते हैं ၊”
नई दिल्ली। सोशल नेटवर्किंग साइट फेसबुक पर कथित पुलिस अधिकारी महिन्दर सिंह का वक्तव्य “अमीरों के लालच के लिये मारे गये गरीबों की लाशों को ढकने वाले कपड़े को राष्ट्र ध्वज कहते हैं ၊” वायरल हो रहा है।
इस वक्तव्य को गांधीवादी सामाजिक कार्यकर्ता हिमांशु कुमार ने अपनी फेसबुक टाइमलाइन पर पोस्ट किया। यह समाचार लिखे जाने तक छह घंटे में इस पोस्ट को 73 लोगों ने शेयर किया तो 421 लाइक्स मिले।
कुछ फेसबुक उपभोक्ताओं ने इस पोस्ट पर कमेंट भी किए। कुछ प्रमुख मेंट्स निम्नवत् हैं।
DrSurendra Markam गरीबों को उजाड़ कर ही अमीरों के लिए विकास की कालीन बिछाई जाती है, आज तक किसी ने सुना है कि अमीरों को उजाड़ कर फलां कारखाने लगाया गया हो, भारत का विकास आदिवासियों के खून से सने हैं। भारत के इस फर्जी विकास में आदिवासियों ने अपनी सभ्यता खोई है।
Ujwal Hadke किसीने खूब कहा है
War is fought not by soldiers
But by empty stomach....
Objection ना novel कि line है।
Hari Shankar Jatav सर.प्लीज.हाथ.जोड,कर.निवेदन
हमारे.राष्टृध्वज.को.किसी.भी.विरोध
चाहे.वह.राजनैतिक.हो.या.व्यतिगत
बीच.मै.ना.लायै.बहुत.कुरबानियौ.की.देन.है.प्यारा.तिरंगा.जान.से
प्यारा.तिरंगा.जै.हिंद.सभी.को
Zubair Sami जब तक लोग धर्म के झंझट से मुक्त नहीं होंगे तब तक उन्हें दूसरी आवश्क चीजो को सोचने के लिए ताजा तरीन दिमाग तैयार नही होगा
Pritam Priyo world bank report says the highest no of poor are in india in the world. why so much tax exemption for rich why the govt. is selling the public sector resources to private hands, why killing the tribals to give land to poor people, the land on which the poor are living are their assessts


