विकास का बुलडोज़र
विकास का बुलडोज़र
अंशु शरण
हमारी कृषि नीति
विकास का बुलडोज़र मूल अधिकारों को कुचल कर हिंदुस्तान बना रहा है |
जहाँ हर किसी को जी डी पी की टेंशन
भले कृषि नीति का हिस्सा बन रही विधवा पेंशन
जिन्दा बचे कुछ किसान अब शहरी मज़दूर है |
कुछ भूमिहीन अभी भी गाँवो में राहत योजनाओं से दूर हैं |
बाकी बंधुआ बने ईंट भट्टे पर
बीवियां गयी ठेकेदारों के सट्टे पर
करते भी क्या बच्चों के भूख के आगे मज़बूर हैं |
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