विद्यार्थियों ने किया शहीद स्मारकों का शैक्षणिक भ्रमण
विद्यार्थियों ने किया शहीद स्मारकों का शैक्षणिक भ्रमण
वर्धा, 21 अगस्त 2017: स्वाधीनता आंदोलन में देश के सेनानियों के बलिदान को याद कर उन्हें नमन करने तथा 1942 के इतिहास को जानने और समझने के लिए महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का शैक्षिक भ्रमण कार्यक्रम शनिवार, 19 अगस्त को आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत विद्यार्थियों ने आष्टी (शहीद), बापू कुटी, सेवाग्राम तथा हुतात्मा स्मारक, वर्धा को भेंट देकर वर्धा जिले के स्वाधीनता आंदोलन के इतिहास को करीब जाना।
शैक्षणिक भ्रमण को विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति प्रो. आनंद वर्धन शर्मा ने झंडी दिखाकर रवाना किया। राष्ट्रीय सेवा योजना के संयोजक राजेश लेहकपुरे एवं जनसंपर्क अधिकारी बी. एस. मिरगे के मार्गनिर्देशन में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों प्रथम गांधी हिल पर गांधीजी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर अभिवादन किया। उन्होंने सेवाग्राम मार्ग स्थित हुतात्मा स्मारक जाकर वहां वृक्षारोपण किया। हुतात्मा स्मारक की जानकारी मुरलीधर बेलखोडे ने दी तथा स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास पर प्रकाश ड़ाले हुए महात्मा गांधी, कस्तुरबा गांधी और महादेवभाई देसाई से जुड़ी स्मृतियों को याद किया। विद्यार्थियों ने हुतात्मा स्मारक परिसर में वृक्षारोपण भी किया।
बापू कुटी सेवाग्राम आश्रम में आश्रम प्रतिष्ठान के सचिव श्रीराम जाधव एवं संगिता चौहान ने महात्मा गांधी से लेकर स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। इसके पश्चात विद्यार्थियों ने आष्टी (शहीद) जाकर वहां स्मारक को भेंट दी। 16 अगस्त 1942 को पुलिस थाने में जहाँ पांच आंदोलनकारियों पर गोलियां बरसाकर उन्हें मार डाला था उस स्थल को भेट देकर नमन किया। नागपंचमी के दिन आष्टी में गोविंद राव मालपे, नवाज रशीद खान, हीरालाल कहार, पंछी गोंड, केशव राव ढोंगे और उदेभानजी कुबडे शहीद हुए थे। यहां पर अंग्रेजी हुकुमत के खिलाफ आंदोलन करते हुए लोगों ने देश में पहला तिरंगा फहराया था। विद्यार्थियों ने शहीदों की स्मृति में बने स्मारक पर माल्यार्पण कर अभिवादन किया गया। आष्टी के चले जाव और स्वतंत्रता आंदोलन के ऐतिहासिक घटनाओं की जानकारी हुतात्मा स्मारक समिति, आष्टी के सचिव भरत वनझारा ने दी।
प्राचार्य अनिल वानखडे और प्राध्यापक आर. पी. बालपांडे के सहयोग से आष्टी के आंदोलन पर बनी फिल्म दिखाई गयी। इस भ्रमण में विवि में देशभर के विभिन्न राज्यों से अध्ययनरत 60 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए। उनके साथ राजदीप राठौर और अश्विन श्रीवास भी थे।


