विफल ‘मोदीनोमिक्स’ ने किया अर्थव्यवस्था को तार-तार
विफल ‘मोदीनोमिक्स’ ने किया अर्थव्यवस्था को तार-तार
विफल ‘मोदीनोमिक्स’ ने किया अर्थव्यवस्था को तार-तार
रुपया गिरकर 71 रु. प्रति डॉलर हुआ - अब तक का सबसे कमजोर मूल्य
नई दिल्ली, 31 अगस्त, 2018। भारत की गिरती अर्थव्यवस्था पर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा है कि प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी की नीतियां देश की अर्थव्यवस्था का बंटाधार कर रही हैं।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के संचार विभाग के प्रभारी रणदीप सिंह सुरजेवाला ने आज यहां जारी एक वक्तव्य में कहा कि चाहे भाजपा झूठ के कितने ही पुलिंदे क्यों न बांध ले, सच्चाई यह है कि मोदी सरकार ने हमारी अर्थव्यवस्था की लुटिया डुबो दी है और इसकी सारी जिम्मेदारी, नोटबंदी की तुगलकी भूल, त्रुटिपूर्ण जीएसटी, बैंकिंग सेक्टर को कमजोर करने और टैक्स टेररिज़्म को बढ़ावा देने की है।
श्री सुरजेवाला ने कहा कि रुपया लड़खड़ाती सांसों के साथ आईसीयू में पहुंच गया है। मोदी सरकार अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में है। 2014 के लोकसभा चुनावों में 36 इंच की छाती द्वारा किए गए सारे बड़े बड़े लुभावने वायदे आज भाजपा की व्याख्या से गायब हो चुके हैं।
कांग्रेस पार्टी जो 60 सालों में नहीं कर पाई, श्री नरेंद्र मोदी और उनकी त्रुटिपूर्ण आर्थिक नीतियों ने केवल 60 महीनों में कर डाला। रुपया अकेले 2018 में ही 10 प्रतिशत गिर चुका है। मोदी सरकार के कार्यकाल में रुपया एशिया की सबसे कमजोर करेंसी बन गया। एशियाई देशों की कई करेंसी जहां इसी अवधि में मजबूत हुई हैं, वहीं रुपए की रही सही चमक भी खो गई।
टूटते रुपया - खराब घरेलू नीतियां जिम्मेदार
श्री सुरजेवाला ने कहा कि
1. आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट, 2017 द्वारा यह साबित हो गया है कि भारतीय अर्थव्यवस्था को पटरी से उतारने का श्रेय ‘नोटबंदी की मोदी निर्मित आपदा’ को जाता है। इसकी वजह से करेंट अकाउंट डेफिसिट (कैड) बढ़ गया और डॉलर के मुकाबले रुपया कमजोर हो गया। बढ़ते व्यापार घाटे के चलते वित्तवर्ष 2019 में करेंट अकाउंट डेफिसिट जीडीपी का 2.8 प्रतिशत हो सकता है, जो वित्तवर्ष 2018 में 1.9 प्रतिशत था।
मोदी सरकार ने जब से बिना विचारे त्रुटिपूर्ण जीएसटी लागू किया, तब से ही करेंट अकाउंट डेफिसिट लगातार बढ़ रहा है और यह अब तक नहीं संभल पाया है।
अंतराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की गिरती कीमतों पर मोदी जी ने खुद को 'नसीबवाला' कहा था... अब देश में बढ़ती कीमतों पर मोदी जी को 'महंगाईवाला' कहना बेहतर होगा। #GasDieselPetrolCrisis pic.twitter.com/lcx7k05kSM
— Congress (@INCIndia) August 31, 2018
- सरकारी और निजी क्षेत्रों में नया निवेश एक समान रूप से बहुत कम रहा (आरबीआई वार्षिक रिपोर्ट, 2017। पृष्ठ 36, चार्ट।।.1.5)। नई नौकरियां केवल नए निवेश से निर्मित हो सकती हैं, जुमला या बातों को घुमाने से नहीं!
INC COMMUNIQUE
Press Release by @rssurjewala Incharge Communications AICC on the All Time low of the Indian Rupee against the USD. pic.twitter.com/LrkL7DAZyU
— INC Sandesh (@INCSandesh) August 31, 2018
सरकार की नीतियों में विदेशी निवेशकों का विश्वास लगातार गिर रहा है और देश में आने वाला एफडीआई, अप्रैल, 2018 के बाद से लगातार गिर रहा है; इस वजह से डॉलर के मुकाबले रुपया और ज्यादा कमजोर हो जाएगा। वर्तमान फॉरेक्स रिज़र्व (24 अगस्त, आरबीआई डेटा) 400 बिलियन अमेरिकी डॉलर के हैं, जो 13 अप्रैल को 426 बिलियन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 26 बिलियन डॉलर कम हैं।
- आरबीआई की वार्षिक रिपोर्ट ने साबित कर दिया कि जब से मोदी सरकार ने सत्ता सम्हाली है, तब से कुल निर्यात में कमी आई है। इस स्थिति को नोटबंदी की भारी भूल ने और ज्यादा खराब कर दिया क्योंकि इससे सबसे ज्यादा नुकसान एमएसएमई सेक्टर का हुआ। इस वजह से वर्तमान फॉरेक्स रिज़र्व भी गिर गया, जिससे डॉलर के मुकाबले रुपया और ज्यादा कमजोर हो गया।
- निर्यातकों की उपेक्षा करने वाला त्रुटिपूर्ण जीएसटी लागू किए जाने से डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य कम हो गया क्योंकि त्रुटिपूर्ण जीएसटी को लागू करने में की गई गलतियों की वजह से निर्यातकों की वर्किंग कैपिटल ब्लॉक हो गई।
- एक्सचेंज दर के कारण आयात और ज्यादा महंगे हो जाएंगे और तेल पर ज्यादा आयात बिल के कारण भविष्य में लोगों को पेट्रोल और डीज़ल के लिए ज्यादा मूल्य चुकाना पड़ेगा। इससे दैनिक जरूरतों की सभी महत्वपूर्ण वस्तुओं, जैसे खाने-पीने की चीजों, फलों और सब्जियों आदि का मूल्य बढ़ेगा। ज्यादा महंगाई की वजह से ज्यादा ब्याज दर देनी होगी, जिससे न केवल बिज़नेस प्रभावित होंगे, बल्कि मध्यम वर्ग पर सबसे गहरी मार पड़ेगी।
- आयातित कच्चे माल या अर्द्धनिर्मित उत्पादों का मूल्य बढ़ेगा, इसलिए इन उत्पादों के निर्माण की लागत भी बढ़ेगी। इस वजह से कैपिटल गूड्स एवं घरों में उपयोग में लाए जाने वाले उपकरणों जैसे होम अप्लायंसेस, कार, टू-व्हीलर्स, इलेक्ट्रॉनिक गूड्स, मोबाईल फोन, मेकेनाईज़्ड फार्म उपकरण आदि का मूल्य भी बढ़ेगा।
श्री सुरजेवाला ने कहा कि वित्तमंत्री, श्री अरुण जेटली राजनैतिक प्वाईंट बटोरने के लिए लंबे लंबे ब्लॉग लिखने में व्यस्त हैं और उन्होंने टूटते रुपये की गंभीरता को पूरी तरह से नजरंदाज कर दिया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी एक बार फिर सोई हुई मोदी सरकार को जगाना चाहती है, ताकि वो इस मामले में कदम उठाएं और भारतीय अर्थव्यवस्था को डूबने से बचाया जा सके।
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