शराब ठेके का विरोध कर रही महिलाओं पर हमले की निंदा
शराब ठेके का विरोध कर रही महिलाओं पर हमले की निंदा
जयपुर 23 जुलाई 2011। पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज ने जयपुर के पिंक सिटी प्रेस क्लब के समीप तीन माह से शराब ठेके का विरोध कर रही महिलाओं पर शुक्रवार को हुए हमले की कड़ी निंदा की है। PUCL का मानना है कि पुलिस और जिला प्रशासन की अकर्मण्यता के कारण महिलाओं को शराब माफियाओं के हमले का शिकार होना पड़ा है। पुलिस और प्रशासन यदि इस मामले में संवेदनशीलता बरतता तो महिलाओं को इस अमानवीय घटना का शिकार नहीं होना पड़ता। हमले के बाद जब महिलाएं थाने में पहुंची तो पुलिस न तो उनकी रिपोर्ट दर्ज की और न ही पुलिस का कोई व्यक्ति घटनास्थल पर सुरक्षा के लिए पहुंचा।
कानोता बाग और नारायण निवास क्षेत्र मंे शराब ठेके के कारण बिगड़े महिलाआंे के साथ आए दिन होने वाली छेड़छा़ड,, नाबालिग बच्चों में बढ़ती शराब की लत और क्षेत्र में बिग़डते हालात के विरोध में इस क्षेत्र की ये महिलाएं पिछले तीन माह से आंदोलन कर रही हैं। शराब ठेका हटाने की मांग को लेकर ये महिलाएं मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से लेकर गृह मंत्री, पुलिस महानिदेशक, पुलिस अधीक्षक और जिला कलक्टर तक अपनी गुहार लगा चुकी हैं, लेकिन किसी ने भी इनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया। पीयूसीएल कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार शाम घटनास्थल का दौरा कर पीड़ित महिलाआंें के साथ पुलिस थाने में पहुंचकर मुकदमा दर्ज कराया। शराब माफियाओं ने महिलाओं के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौच, जातिसूचक गालियां और लाठियों से मारा-पिटा।
PUCL ने महिलाओं पर हमला करने वाले लोगों की तुरंत गिरफ्तारी और शराब ठेके को हटाए जाने की मांग की है। शराब माफियाओं के खिलाफ सात दिन में कार्रवाई नहीं होने पर PUCL ने आंदोलन की चेतावनी दी है।


