सद्भाव की धारा की जीत है और उन्माद की धारा की हार !
सद्भाव की धारा की जीत है और उन्माद की धारा की हार !
नई दिल्ली। जनता दल (यू) नेता और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार के लोग समाज में सद्भाव, समरसता और विकास चाहते हैं जो उन्होंने देश को बता दिया है।
एक संदेश में श्री कुमार ने कहा कि मतदाताओं ने स्पष्ट तौर पर अपना निर्णय दिया है इसके लिए मैं जनता को धन्यवाद देता हूँ और जो प्रत्याशी जीते हैं उन्हें बधाई देता हूँ। लोकसभा के चुनाव के इतने कम समय के बाद जो नतीजे आये हैं वो दिखाते हैं कि लोगों ने उन्माद की धारा को खारिज कर दिया है और साथ ही सरकार के अबतक के काम को भी। बिहार की जीत समरसता और सद्भाव की धारा की जीत है। जनता ने जो संकेत और सन्देश दिया है वो स्पष्ट है कि बिहार के लोग विभाजनकारी राजनीति को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
नीतीश कुमार ने कहा कि बिहार हमेशा से सद्भाव का प्रांत रहा है। हम लोगों की राजनीति है समाज में सभी तबकों को लेकर चलना, हर धर्म को मानने वाले लोगों की इज्ज़त करना, सभी समुदायों को एकजुट करके आगे बढ़ना। भाजपा जिस तरह ऊंची जाति को अपना वोट बैंक मानकर बांटने की राजनीति कर रही थी, उसकी सोच को बिहार की जनता ने नकार दिया है जिसका उदाहरण है कि जाले, परबत्ता तथा भागलपुर जैसी सीटों पर जनता ने हमारे उम्मीदवारों को भारी मतों से जिताया। लोगों ने अपने विवेक से निर्णय लिया जाति की सोच से नहीं। हमारी जीत में समाज के हर तबके की एकता निहित है और इसके लिए मैं बिहार की जनता को सलाम करता हूँ।


