लखनऊ 5 अगस्त। समाजवादी पार्टी के कभी सर्वाधिक समर्थक रहे वाम दलों का एक धड़ा अब उसके खिलाफ ताल ठोंक रहा है।

समूचे उत्तर प्रदेश में पर्यावरण को बरबाद कर रहे अवैध खनन को रोके जाने, खनन माफियाओं के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही किये जाने, आईएएस अधिकारी दुर्गा शक्ति नागपाल का निलम्बन वापस लेने और उन्हें दी गयी कथित फर्जी चार्जशीट को तत्काल रद्द करने, निलम्बन की अवैध कार्यवाही को मस्जिद विवाद से जोड़कर राजनीतिक कार्ड न खेले जाने तथा प्रदेश में हो रहे दंगों की जाँच कराके दंगाइयों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई किये जाने की माँगों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) समूचे प्रदेश में सड़कों पर उतरने जा रही है।

भाकपा के राज्य सचिव डॉ. गिरीश ने बताया कि उपर्युक्त माँगों को लेकर भाकपा आगामी सात अगस्त को प्रदेश भर में जिला केन्द्रों पर धरने/ प्रदर्शन आयोजित करेगी और महामहिम राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन जिलाधिकारियों को सौंपे जायेंगे। लखनऊ में भाकपा तीन अगस्त को ही प्रदर्शन आयोजित कर चुकी है।

भाकपा राज्य सचिव ने राज्य सरकार पर आरोप जड़ा कि इस छोटे से मामले पर अड़ियल रूख अपना रही है और वोट की राजनीति कर रही है। यदि अखिलेश सरकार सख्त होने का सन्देश ही देना चाहती है तो दंगों और दंगाइयों से कड़ाई से निपटे और चरमरा चुकी प्रदेश की कानून व्यवस्था को पटरी पर लाये। आईएएस अधिकारी के खिलाफ सरकार के अतार्किक कदम ने भ्रष्टाचारी एवं माफियाओं के हौसले बढ़ाये हैं और वह जनता की दृष्टि में अपनी छवि धूमिल कर रही है।

डॉ. गिरीश ने अपनी समस्त जिला इकाइयों का आह्वान किया कि वे सात अगस्त को जिलों-जिलों में धरने/ प्रदर्शन की कार्यवाही को अंजाम दें। उन्होंने जनता से भी अपील की कि वह न्याय के पक्ष में और अन्याय के खिलाफ अपनी आवाज बुलन्द करे।