सामाजिक न्याय के नाम पर वंचित समूहों के साथ गद्दारी का रिकार्ड ही कायम किया
सामाजिक न्याय के नाम पर वंचित समूहों के साथ गद्दारी का रिकार्ड ही कायम किया
खगड़िया, 05 मार्च। रिहाई मंच के महासचिव राजीव यादव ने कहा है कि बिहार में पिछले 27 वर्षों से सामाजिक न्याय के नाम पर सरकार चल रही है। लालू और नीतीश गरीबों-दलितों-महादलितों-पिछड़ों-अल्पसंख्यकों-महिलाओं की बात करते हुए सत्ता में बने हुए हैं, किन्तु वंचित समूहों के सम्मानजनक जीवन-जीविका व अधिकार के सवालों को हल करने की दिशा में इन दोनों ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है।
श्री यादव आज बिहार के खगड़िया जिले में दलित-वंचित समुदायों पर बढ़ते हमले के दौर में न्याय व सम्मान, अधिकार व विकास और सामाजिक-राजनैतिक दावेदारी के लिए वंचित समूहों की विशाल महासभा को संबोधितकर रहे थे।
सभा का आयोजन खगड़िया के गाँधी पार्क में नौजवान संघर्ष सभा, महादलित विकास मंच एवं न्याय मंच के संयुक्त बैनर तले किया गया था।
सभा को संबोधित करते हुए राजाव यादव ने कहा कि उत्तर प्रदेश में भी लंबे समय से मुलायम-अखिलेश-मायावती की गरीबों-दलितों-अल्पसंख्यकों और सेकुलरिज्म व सोशल जस्टिस के नाम पर सरकार चल रही है, लेकिन वंचित समूहों के साथ गद्दारी का रिकार्ड ही कायम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि बिहार और उत्तरप्रदेश में विकास का बहुत शोर है, किन्तु वंचित समूह व आम जनता बदहाल है। बिहार और यूपी में वंचित समूहों के साथ अन्याय का सिलसिला आगे ही बढ़ रहा है। विकास के शोर में उनके हिस्से अधिकारहीनता ही है। बिहार से मजदूरों को आजीवका के लिए पलायन करना पड़ता है और दूसरे राज्यों में मार खानी पड़ती है।
मुठ्ठी भर कॉर्पोरेटों की तिजोरी उफन रही है
राजीव यादव ने कहा कि सरकारी स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोईया को महीने में 1200 रूपये मजदूरी दी जाती है, जबकि सांसदों-विधायकों के वेतन लगातार बढ़ाये जा रहे हैं। मुठ्ठी भर कॉर्पोरेटों की तिजोरी उफन रही है।
उन्होंने कहा कि खगड़िया में गरीबों-दलितों-महादलितों-वंचितों पर सवर्ण-सामंती ताकतों और नवसामंतों द्वारा हमले हो रहे हैं। सुशासन का दावा करने वाली सरकार का पुलिस-प्रशासन हमलावरों के साथ खड़ा है। शिरोमणि टोला के पीड़ितों के न्याय का सवाल आज भी बना हुआ है।
सभा को संबोधित करते हुए न्याय मंच, बिहार के नेता डॉ. मुकेश कुमार ने कहा केन्द्र की भाजपा सरकार से लेकर राज्य की नीतीश-लालू की सरकार गरीबों, मजदूरों, किसानों, छात्र, नौजवानों के हक़-अधिकार को छीन रही है। सार्वजनिक क्षेत्र की शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था के हाल बदहाल हैं, गरीबों-दलितों के पक्ष में भूमि-सुधार आयोग व सामान शिक्षा प्रणाली आयोग की सिफारिशों को आज तक लागू नहीं किया जा रहा है। बिना पुनर्वास की गारंटी किये गरीबों के घर उजाड़े जा रहे हैं। बिहार में न्याय के साथ विकास के नाम पर अन्याय व वंचित समूहों की अधिकारहीनता बढ़ रही है।
सभा में दलितों-महादलितों-वंचितों के उत्पीडन-दमन पर रोक लगाने व दोषियों को सजा देने, भूमिहीनों को भूमि-अधिकार देने, बेदखल पर्चाधारियों को जमीन पर कब्ज़ा दिलाने, समान शिक्षा प्रणाली आयोग की सिफारिशों को लागू करने, सबको समुचित व निःशुल्क चिकित्सा-दवाई-डॉक्टर की गारंटी करने, सभी गाँव-मोहल्ले में शुद्ध पेयजल, बिजली, सड़क की गारंटी करने, मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोईया, दैनिक सफाई मजदूर, आशा, ममता, टोला सेवक, विकास मित्र व अन्य ठेका-मानदेय कर्मियों को स्थायी करने व समान काम के लिए समान वेतन देने की गारंटी एवं खगड़िया जिले में मेडिकल, इंजीनियरिंग व कृषि कॉलेज खोलने की मांग जोरदार तरीके से उठाई गई और इन मुद्दों पर धारावाहिक संघर्ष का ऐलान किया गया।
सभा की अध्यक्षता महादलित विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष राजेश कुमार सदा एवं संचालन नौजवान संघर्ष सभा के मो. आकिब ने किया।
सभा को जन संसद, भागलपुर के रामानंद पासवान, पटना उच्च न्यायालय के अधिवक्ता अभिषेक आनंद, सोशलिस्ट पार्टी इंडिया के राष्ट्रीय सचिव गौतम कुमार प्रीतम, न्याय मंच के नवीन कुमार, श्याम सक्सेना, सौरभ कुमार, महादलित मंच के शम्भू राम, रसोईया सुनीता देवी, अनीता देवी, अरविंद यादव झारखण्ड से आये अम्बेडकर स्टूडेंट यूनियन के संयोजक रणजीत कुमार, सामाजिक कार्यकर्त्ता मनोरमा देवी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार अधिकार अभियान के अभिषेक राज आदि ने संबोधित किया।


