डॉ लोक सेतिया

उतरप्रदेश में आखिर ऐलान करना ही पड़ा, मज़बूरी थी, मोदी जी के भाषण में कही बात इतनी चर्चित हो गई थी कि नहीं करते तो सारा रुतबा खत्म हो जाता !! चलो अच्छा हुआ किसी तरह गरीबों का भला तो शायद हो जाये !! मगर सावधान !! कांग्रेस की मनमोहन सिंह की सरकार ने साठ हज़ार करोड़ की माफ़ी की थी उसका सच बताता हूं !!

किसी ने तीस हज़ार से कम राशि का ऋण लिया हुआ था सहकारी ग्रामीण कृषि बैंक से !!

कुछ ऐसा हुआ कि जब कर्ज़ माफ़ी की घोषणा हुई वो अपनी चार एकड़ ज़मीन भी बेच चुका था !! घोषणा के मुताबिक भूमिहीन और पांच एकड़ से कम वालों का पूरा क़र्ज़ माफ़ किया जाना था !! उसको जब पता चला तो वो समझा मेरा कर्ज़ा भी माफ़ किया जायेगा !! बैंक में जाकर सचिव से पता किया तो बताया गया लिस्ट बना रहे हैं और आपका क़र्ज़ यकीनन उसी श्रेणी में आता है जब आपके नाम अब कोई भूमि ही नहीं रही तो पांच एकड़ से कम में आप भी हैं ही !!

कई साल बाद तक उसको कोई नोटिस नहीं मिला कि आपको कर्ज़ देना है और माफ़ नहीं किया गया था !! सालों बाद उसको फोन किया गया आपका कर्ज़ा एक लाख से ऊपर हो चुका है आकर मिलो !!

भला ऐसा कैसे हो सकता है !!

आपको शायद अजीब लगे सरकार कई साल पहले ब्याजदर चार प्रतिशत कर चुकी थी फिर भी उसके क़र्ज़ पर बारह-चौदह प्रतिशत से ब्याज लगाया गया था !! उस ने बैंक सचिव से लिखित में नोटिस मांगा ताकि ये असलियत सामने लाई जा सके !! मगर कोई लिखित नोटिस नहीं भेजा गया !! तब अपने बैंक की कॉपी और सब कागजात उस ने भेजे तब की सरकार को, सभी विपक्षी दल वालों के दफ्तर को, अखबारों को !!

यकीन करेंगे किसी ने कोई नोटिस नहीं लिया कि अगर ऐसा हुआ तो साठ करोड़ का क़र्ज़ माफ़ किन लोगों का कैसे हुआ !!

यहां ये बताना ज़रूरी है कि उसके बाद उस से कभी कर्ज़ा वापस नहीं मांगा गया मगर खाते में अभी भी बकाया है !! वो इंतज़ार कर रहा है लिखित नोटिस मिले और वो उसकी असलियत सामने लाये !!

सावधान !! ये इस बार भी संभव है !!

डॉ लोक सेतिया

फतेहाबाद

हरियाणा 125050