सिंगापुर रिवर सफारी के विशाल पांडा काई काई और जिया जिया करीब 72 घंटे साथ बिताने की तैयारी में
सिंगापुर रिवर सफारी के विशाल पांडा काई काई और जिया जिया करीब 72 घंटे साथ बिताने की तैयारी में
नई दिल्ली, 31 मार्च 2017- अमूमन मार्च से मई के बीच पांडा का मेटिंग सीजन होता है। इस साल यह दौर आने से पहले रिवर्स सफारी के जाइंट पांडा काई काई और जिया जिया को पूर्ण रूप से स्वस्थ रखा गया है। पिछले महीने इनका सालाना स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इसके तहत जिया जिया के पेट का एक्सरे हुआ और पेशाब की जांच की गई। दांतों और आंखों का भी परीक्षण किया गया।
काई काई और जिया जिया ने अपने बर्ताव से ऐसे संकेत देने शुरू कर दिए हैं कि मेटिंग सीजन आने वाला है। उनके बीच कुदरती तरीके से संबंध कायम कराने का यह तीसरा प्रयास है।
10 साल का काई काई और 9 साल की जिया जिया को पहली बार 2015 में साथ लाने की कोशिश की गई थी। कुदरती और कृत्रिम गर्भाधान, दोनों ही तरीके आजमाए गए थे, पर असफल रहे थे। इस बार के लिए कीपर्स ने अच्छी तकनीक के जरिए दोनों के बीच एक दूसरे के प्रति आकर्षण पैदा कराने की तैयारी कर रखी है।
पिछले साल नवंबर में इन दोनों की रिहाइश बदल दी गई थी। आम तौर पर यह काम जनवरी में किया जाता है, पर इस बार नवम्बर में ही कर दिया गया। इससे दोनों को एक दूसरे की महक लगती है और यह दोनों में हारमोन संबंधी बदलाव लाने में कारगर होता है।
विशेषज्ञ और कीपर्स दोनों ही दोनों पांडा पर नजर रखे हुए हैं। साथ ही, जिया जिया के हारमोन लेवल पर भी उनकी नजर है।
जब जिया जिया का ऑस्ट्रोजेन लेवल नीचे आएगा तब दोनों पांडा को उनके बाड़े से निकाला जाएगा और तीन दिन तक साथ छोड़ दिया जाएगा। इस दौरान दोनों को पर्यटक नहीं देख पाएंगे।
अगर प्राकृतिक तरीके से गर्भाधान संभव नहीं हुआ तो डॉक्टरों ने काई काई का वीर्य भी निकाल कर रख लिया है, ताकि कृत्रिम गर्भाधान का विकल्प भी आजमाया जा सके।
All images are to be credited to Wildlife Reserves Singapore


