सीओपी24 : निवेशकों के सबसे बड़े संगठन ने कहा प्रदूषणकारी तत्वों के उत्सर्जन में कमी लाएं सरकारें

COP 24: Investors' largest organization said reductions in the emissions of polluting elements

नई दिल्ली। 32 ट्रिलियन डालर की सम्पत्तियों का प्रबन्धन कर रहे 415 हस्ताक्षरकर्ता लोगों ने निवेशकों का अब तक का सबसे बड़ा संगठन बनाकर पोलैंड के केटोवाइस में आयोजित हो रही यूएन क्लाइमेट कांफ्रेंस में हिस्सा ले रही सभी सरकारों से आग्रह किया है कि वे “पेरिस समझौते के तहत तयशुदा पैमाने के मुताबिक प्रदूषणकारी तत्वों के उत्सर्जन में कमी लाने के राष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित लक्ष्यों को नवीकृत करें और उन्हें अधिक मजबूत करें। इस प्रक्रिया की शुरुआत अभी से करें और इसे पूरा करने के लिये 2020 से ज्यादा वक्त न लें।”

निवेशकों, जिनमें से कुछ दुनिया के सबसे बड़े निवेशक हैं, ने कांफ्रेंस के दूसरे सप्ताह के शुरू में इस संगठन का गठन किया है। इस बयान में प्रगति सम्बन्धी कुछ ऐसे बिंदुओं की तरफ इशारा किया गया है जो पहले से ही लाजमी हैं। साथ ही ऐसी प्रगति का भी उल्लेख किया गया है जो प्रमुख मुद्दों को लेकर होनी जरूरी है।

इसमें कोयले के प्रयोग को चरणबद्ध तरीके से खत्म करना, जीवाश्म ईंधन पर दी जाने वाली सब्सिडी को समाप्त करना और कोयले की वैश्विक कीमत तय कराना शामिल है।

दरअसल, वे उसी दिन दुनिया में कोयले के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने का आह्वान करेंगे, जिस दिन अमेरिका यूएन क्लाइमेट कांफ्रेंस में कोयले के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिये कार्यक्रम आयोजित करेगा। वरिष्ठ निवेशकों ने खासतौर पर कोयले के इस्तेमाल को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की नीति को मुद्दा बनाया है।

जलवायु परिवर्तन पर नियंत्रण के लिये उठाये जाने वाले कदमों के आर्थिक लाभों पर भी खास ध्यान दिया गया है। ‘‘वे देश और कम्पनियां, जो पेरिस समझौते को लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं और जलवायु संरक्षण और कार्बन के कम उत्सर्जन वाली मजबूत नीतियों को लागू कर रही हैं, उन्हें उल्लेखनीय आर्थिक लाभ प्राप्त होंगे। साथ ही उनके यहां निवेश में वृद्धि होगी और वे भविष्य की इंडस्ट्री में रोजगार का सृजन करेंगे।’’

क्या यह ख़बर/ लेख आपको पसंद आया ? कृपया कमेंट बॉक्स में कमेंट भी करें और शेयर भी करें ताकि ज्यादा लोगों तक बात पहुंचे

कृपया हमारा यूट्यूब चैनल सब्सक्राइब करें