सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट की पटना में औपचारिक शुरूआत
सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट की पटना में औपचारिक शुरूआत
ऊर्जा व पर्यावरण के मसले पर सरकार और थिंक टैंक संगठनों के साथ सीड करेगा साझेदारी
पटना, 25 अगस्त। राज्य में गहराते ऊर्जा संकट, पर्यावरण संबंधी बढ़ती परेशानियों से निबटने और अब तक अविकसित रहे अक्षय ऊर्जा मार्केट को गति प्रदान करने के लिए आज सोमवार को ‘सेंटर फॉर एन्वॉयरोंमेंट एंड एनर्जी डेवलपमेंट (सीड) की औपचारिक शुरूआत की गयी। सीड संस्था पर्यावरण व ऊर्जा के मसले से जुड़े सिविल सोसायटी संगठनों, शोधकर्ताओं, पर्यावरणविदों व ऊर्जा विश्लेषकों के सक्रिय सहयोग के साथ राज्य के विकास में सार्थक योगदान के लिए काम कर रही है।
इस मौके पर सीड संगठन का औपचारिक परिचय कराते हुए इसके प्रमुख रमापति कुमार ने बताया कि ‘सीड की स्थापना बिहार में ऊर्जा संकट के मद्देनजर क्लीन एनर्जी सेक्टर के जरिये नयी संभावनाओं व समाधान को तलाशने और उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का तार्किक दोहन कर सभी तक इसके लाभ प्रभावनी ढंग से पहुंचाने के उद्देश्य के लिए की गयी है। राज्य में अक्षय ऊर्जा संसाधनों की प्रचुर उपलब्धता का इस्तेमाल कर बिजली संकट से निबटने और अंधेरे में रह रहे लाखों लोगों के जीवन में प्रकाश फैलाया जा सकता है। इसके अलावा निरंतर बढ़ते इलेक्ट्रॉनिक कचरे और बायोमेडिकल कूड़े-कचरे से मानव जीवन व वातावरण पर पड़ने वाले गंभीर खतरों के प्रति आवाज उठाने और सक्रिय कदम उठा कर सकारात्मक तरीके से समाधान तलाशने में हमारी भूमिका अहम होगी।’
श्री रमापति कुमार ने बताया कि ‘विविध विषयों के एक्सपर्ट्स के एक नेटवर्क के रूप में सीड राज्य व देश के प्रमुख शोध संस्थानों, सिविल सोसायटी संगठनों, उद्योग जगत और सरकारी एजेंसियों के साथ कदम मिला कर काम करेगा, ताकि पर्यावरण पर बिना कोई नुकसान पहंुचाये सही दिशा में समाधान व विकल्प तलाश कर राज्य की प्रगति की राह सुनिश्चित की जा सके। हमारा लक्ष्य सरल व स्पष्ट है: एक स्वस्थ प्राकृतिक जगत के साथ एक खुशहाल भविष्य सुनिश्चित करना।’
सुश्री आकांक्षा ने सीड के प्रमुख कार्यों के बारे में बताया कि ‘अभी हाल में जहानाबाद जिले के धरनई गांव में राज्य के पहले विकेंद्रीकृत सोलर माइक्रो ग्रिड की स्थापना में सीड ने ग्रीनपीस संस्था के प्रमुख साझेदार की भूमिका निभायी है। इसी महीने की शुरूआत में पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार ने धरनई का भ्रमण कर सोलर माइक्रो ग्रिड का जायजा लिया और इस बात की खूब प्रशंसा की थी कि यह पूरे गांव में करीब 2400 लोगों को चौबीसों घंटे व सातों दिन बिजली सुविधा उपलब्ध करा कर विकास की नयी इबारत लिख रहा है। श्री नीतीश कुमार ने ऐसे माइक्रो ग्रिड का सर्मथन करते हुए इसे ‘‘बिहार के ग्रामीण विद्युतीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम’’ बताया है।’
सीड के प्रमुख रमापति कुमार ने बताया कि ‘आगामी महीनों में हम पटना महानगर की छतों की जगह पर सौर ऊर्जा उत्पादन की संभावना को रेखांकित करने वाले एक महत्वपूर्ण रिपोर्ट को जारी करेंगे और हम उम्मीद करते हैं कि हम सरकार और अन्य सभी स्टैक्होल्डर्स के साथ मिल कर ‘‘हरेक घर, एक पावर हाउस’’ के विजन को पूरा करने की दिशा में काम करेंगे, ताकि पटना में बिजली संकट से तुरंत निजात मिल सके। अपने फ्लैगशिप प्रोजेक्ट के रूप में हम एक सोलर पार्क की शुरूआत करने को भी इच्छुक हैं। अगर यह पार्क अपनी क्षमता व शक्ति के अनुरूप लागू किया गया तो यह करीब 20 मेगावाट की सौर ऊर्जा का उत्पादन कर सकता है। यह बिहार में अपनी तरह का पहला और अनूठा प्रोजेक्ट होगा। हम निश्चय ही इस सोलर पार्क की स्थापना को गति देने की प्रक्रिया में सरकार से मदद व समर्थन की उम्मीद रखते हैं।’


