हत्या में फंसे मंत्री ने घुड़काया, नहीं देंगे इस्तीफा
हत्या में फंसे मंत्री ने घुड़काया, नहीं देंगे इस्तीफा
हस्तक्षेप डेस्क
उत्तर प्रदेश में चुनाव सर पर हैं और बहन जी के मंत्री हैं कि उनके लिए रोज़ एक नयी मुसीबत खड़ी कर रहे हैं. डॉ. सचान हत्याकांड में सरकार की किरकिरी हुई और अब प्रदेश के पशुधन मंत्री अवधपाल सिंह यादव सरकार के लिए नयी मुसीबत बने हैं. तिहरे हत्याकांड मामले में अपने खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बाद अवधपाल ने स्वयं पर लगे आरोपों को पूरी तरह गलत बताते हुए मंत्री पद छोड़ने से इनकार कर दिया है।
बताया जाता है एटा जिले के मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी बुद्धि सागर मिश्र ने जून महीने में हुए तिहारे हत्याकाण्ड में मारे गए एक गनर के भाई के प्रार्थना पत्र पर जिले की अलीगंज थाने की पुलिस को अवधपाल सिंह यादव, उनके विधान परिषद सदस्य भाई चंद्रपाल और अमरपाल तथा पुत्र रंजीत के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए थे.
अलीगंज थाने के जैथरा इलाके में गत 10 जून को विजय वर्मा, उनके पुत्र अभिनव वर्मा तथा गनर संतोष यादव की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। विजय वर्मा के दूसरे बेटे ने मीडिया को दिए बयान में इन हत्याओं में अवधपाल आदि के शामिल होने का आरोप लगाया था, हालांकि प्रारम्भिक प्राथमिकी में उनको नामजद नहीं किया गया था।
हाल ही में यादव के विरुद्ध भ्रष्टाचार के एक मामले में शिकायतकर्ता ने प्रदेश के लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा को एक सीडी सौंपी थी, जिसमें जैथरा की तिहरी हत्या में मारे गए वर्मा के बेटे और पत्नी को उन हत्याओं में मंत्री एवं उनके परिजनों का हाथ होने का आरोप लगाते दिखाया गया था।
लोकायुक्त ने बहरहाल वह सीडी मुख्यमंत्री को भिजवा दी थी, क्योंकि आपराधिक मामलों की जांच उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आती है।
उधर बताया जाता है कि अवधपाल ने कहा है कि उक्त हत्याकांड समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने कराया था और इस मामले में उन पर साजिश के तहत आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि उन पर लगे आरोप बेबुनियाद हैं और वह पद से इस्तीफा नहीं देंगे।
अब देखना यह है कि पहले से ही भ्रष्टाचार, पुलिस जुल्म और महिलाओं पर अत्याचार के आरोप झेल रही मुख्यमंत्री मंत्री जी के खिलाफ क्या कदम उठाती हैं?


