अखिलेश सरकार जब सत्ता में आई थी तब इसके पहले बड़े फैसलों में से एक 1090 वीमेन पॉवर हेल्पलाइन की सुविधा देना शामिल था। आज भी यह हेल्पलाइन बढ़िया तरीके से जमीनी स्तर पर काम कर रही है। मैं खुद निजी तौर से कुछ महिलाओं/लड़कियों को जानता हूँ जिन्होंने इस हेल्पलाइन की सहायता ली है। यह एक सराहनीय क़दम था जिसकी उस अनुपात में तारीफ नहीं की गयी, जितनी कि आज एक अपराध के घटित होने पर आलोचना की जा रही है,...और जिस जघन्य अपराध के घटित होने का ज़िम्मेदार मान आज आप सभी लोग अखिलेश को कोस रहे हैं तो ज़रा मध्य प्रदेश पर भी नज़र घुमाएँ जहाँ इस अपराध की दर उप्र के मुक़ाबिल कहीं ज्यादा है, लेकिन उसकी चर्चा तक नही की जाती....
निश्चित रूप से नागरिकों की सुरक्षा किसी सरकार की पहली ज़िम्मेदारी होती है, और इस मोर्चे पर असफल होने वाली सरकारों की आलोचना अवश्य की जाएगी, लेकिन एक लॉबी ऐसी भी है जो इस आलोचना की आड़ में अपने राजनैतिक उल्लू साधने में जुट जाती है, थोड़ा इस पर भी सोचियेगा साथी.... या हमेशा अखिलेश मुलायम, लालू, माया, जीतन मांझी को ही निशाना बनाइएगा?
इमरान रिज़वी
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