हरियाणा में तीन विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए स्वीकृति प्रदान
हरियाणा में तीन विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए स्वीकृति प्रदान
कमलजीत अविनाशी
चण्डीगढ़- हरियाणा विधान सभा द्वारा सोमवार को प्रदेश में तीन विश्वविद्यालय स्थापित करने के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एण्ड विजुअल आर्ट्स, रोहतक विधेयक 2014, चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी विधेयक, 2014 और चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद विधेयक, 2014 पारित किये गए। इसके अतिरिक्त, पंजाब अनुसूचित सडक़ तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन (हरियाणा विधिमान्यकरण) विधेयक, 2014 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।
स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एण्ड विजुअल आर्ट्स, रोहतक
हरियाणा विधान सभा द्वारा डिजाइन, ललित कलाओं, फिल्म तथा टेलीविजन, शहरी नियोजन तथा वास्तुकला के नये क्षेत्रों पर ध्यान केन्द्रित करते हुए उच्च शिक्षा के उभरते क्षेत्रों में अध्ययन एवं अनुसन्धान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजकीय तकनीकी संस्थान सोसायटी रोहतक को एक अग्रणी विश्वविद्यालय के रूप में अपग्रेड करने के लिए स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एण्ड विजुअल आर्ट्स, रोहतक विधेयक 2014 को स्वीकृति प्रदान की गई।
हरियाणा सरकार प्रदेश के लोगों को मानव संसाधन विकास के नये-नये अवसर मुहैया करवाने के लिए कृतसंकल्प है। इसलिए राज्य सरकार ने प्रदर्शन तथा दृश्य कलाओं के क्षेत्र में शैक्षणिक अवसर सृजित करने का निर्णय लिया है। इस उद्देश््य से रोहतक में एक विश्वस्तरीय संस्थान स्थापित किया गया है। इस तकनीकी संस्थान में 4 संस्थान नामत: स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स, स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन, स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ फिल्म एण्ड टेलीविजन तथा स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ अर्बन प्लानिंग एण्ड आर्किटैक्चर शामिल हैं। इनमें प्रदेश के युवा और महत्वाकांक्षी छात्रों के लिए विभिन्न क्षेत्रों में नये संकाय शुरू किए गए हैं।
स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में अपैरल डिजाइन, टैक्सटाइल डिजाइन, प्रोडक्ट डिजाइन तथा लाइफस्टाइल एसैसरीज डिजाइन में 4-4 वर्ष के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं जिनमें 20-20 सीटें हैं। स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ फिल्म एण्ड टेलीविजन में एक्टिंग, सिनेमैटोग्राफी, डायरैक्शन, एडिटिंग तथा साउण्ड रिकार्डिंग एण्ड साउण्ड डिजाइन में 3-3 वर्ष के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं जिनमें 12-12 सीटें हैं। स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ फाइन आर्ट्स में एप्लाइड आर्ट, पेंटिंग, प्रिंट मेकिंग, स्कल्पचर, एनिमेशन एण्ड मल्टीमीडिया तथा इंटीरियर डिजाइन में 4-4 वर्ष के पाठ्यक्रम शुरू किए गए हैं जिनमें 20-20 सीटें हैं। इसी प्रकार स्टेट इन्स्टीट्यूट ऑफ अर्बन प्लानिंग एण्ड आर्किटैक्चर में 5 वर्ष का आर्किटैक्चर पाठ्यक्रम शुरू किया गया है जिसमें 40 सीटें हैं।
विशिष्ट तरह के पाठ्यक्रमों के दृष्टिगत पिछले 3 वर्षों के दौरान यह महसूस किया गया कि विभिन्न शैक्षणिक गतिविधियों पर निर्णय के लिये शैक्षणिक स्वायत्तता आवश्यक है। इसी प्रकार इन संस्थानों के वित्तीय, प्रशासकीय तथा खरीद सम्बन्धी मामलों में भी प्रशासकीय स्वायत्तता जरूरी है। स्वायत्तता से इन संस्थानों के छात्रों और टीचिंग फैकल्टी तथा संस्थानों के विकास को बढ़ावा मिलेगा। इन संस्थानों को यूनिवर्सिटी ऑफ परफार्मिंग एण्ड विजुअल आर्ट्स के अन्तर्गत लाने से फाइन आर्ट्स, डिजाइन, अर्बन प्लानिंग एण्ड आर्किटैक्चर तथा फिल्म एण्ड टेलीविजन के क्षेत्र में श्रेष्ठ पेशेवर बनाने में मदद मिलेगी तथा उद्योगों एवं व्यापार की जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा।
चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी
खेल तथा शारीरिक शिक्षा पर बल देते हुए बहुशिक्षण में उच्चतर शिक्षा को सुगम बनाने के लिये और इन क्षेत्रों एवं समद्घ क्षेत्रों में उत्कृष्टïता प्राप्त करने हेतू शिक्षण एवं संबद्घ विश्वविद्यालय स्थापित तथा निगमित करने के लिये चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी विधेयक, 2014 पारित किया गया है। उच्चतर शिक्षा में विद्यार्थियों की अप्रत्याशित वृद्घि को समायोजित करने की व्यवस्था करने और राष्ट्रीय स्तर पर अधिकतम कुल दाखिला अनुपात प्राप्त करने के लिये तथा भिवानी एवं आस पास के क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गुणवत्तापरक उच्चतर शिक्षा उपलब्ध करवाने के लिये चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय, भिवानी की स्थापना करने का निर्णय लिया गया है।
चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद
इसी प्रकार, जीन्द एवं आस पास के क्षेत्रों के लोगों की निरन्तर एवं पुरजोर मांग पर जींद में पहले से ही स्थापित स्नातकोत्तर क्षेत्रीय केन्द्र, जो पर्याप्त भूमि, भवन, स्टाफ और पर्याप्त मात्रा में स्नातकोत्तर कोर्सिस की मांग को पूरा कर रहा था, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद को अपग्रेड करके चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद बनाने का निर्णय लिया गया है। सूचना प्रौद्यागिकी तथा कम्प्यूटर शिक्षा, वाणिज्यिक, मानविकी, प्रबंधन अध्ययन के उभरते क्षेत्रों पर विशेष बल सहित उच्चतर शिक्षा को सुकर बनाने के लिये और उन्नत करने के लिये तथा इन क्षेत्रों एवं समद्घ क्षेत्रों में उत्कृष्टïता प्राप्त करने के लिए तथा अन्य राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षा के घटक महाविद्यालयों और विभागों को छोडक़र, राज्य में शिक्षा के सभी महाविद्यालयों को संबद्घ करने के लिये जींद में अध्यापन एवं संबद्घक विश्वविद्यालय स्थापित तथा निगमित करने के लिये चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद विधेयक, 2014 पारित किया गया। इसके अतिरिक्त, इन विश्वविद्यालयों को स्थापित करने के लिए तथा चालू शैक्षणिक स्तर से विश्वविद्यालयों को शैक्षणिक रूप से कार्य आरंभ करने में समर्थ करने के लिये ये विधेयक पारित किये गये हैं।
हरियाणा विधान सभा द्वारा पंजाब अनुसूचित सडक़ तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन अधिनियम, 1963, हरियाणा राज्यार्थ, के अधीन हिसार के नियंत्रित क्षेत्र की घोषणा और उक्त नियंत्रित क्षेत्र में उसके सम्बन्ध में किए गये सभी कार्यों, कार्यवाहियों, बातों एवं की गई कार्यवाही को विधि मान्य बनाने के लिए पंजाब अनुसूचित सडक़ तथा नियंत्रित क्षेत्र अनियमित विकास निर्बन्धन (हरियाणा विधिमान्यकरण) विधेयक, 2014 को भी स्वीकृति प्रदान की गई।


