हाईकोर्ट के फैसले के एक हफ्ते बाद ही ग्रीनपीस इंडिया के खिलाफ जाँच शुरू
हाईकोर्ट के फैसले के एक हफ्ते बाद ही ग्रीनपीस इंडिया के खिलाफ जाँच शुरू
नई दिल्ली, 3 जून 2015, आज चेन्नई स्थित ग्रीनपीस इंडिया के पंजीकृत कार्यालय का राज्य सरकार के अधिकारियों ने निरीक्षण किया। अधिकारियों ने संस्था के सोसाइटी स्टेट्स के बारे में जांच-पड़ताल की। ग्रीनपीस ने आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई उन लोगों के द्वारा करवायी गयी है जो ग्रीनपीस के संघर्षशीलता से परेशान हैं और अब संस्था को बंद कराने के नये-नये तरीके तलाश रहे हैं।
आज सुबह निरीक्षण के दौरान, तमिलनाडु सरकार के जाँच अधिकारियों की एक टीम ग्रीनपीस इंडिया के चेन्नई कार्यालय पहुंची। जब जांच करने के बारे में लिखित रूप से देने का अनुरोध किया गया तो अधिकारियों ने ऐसा करने से इन्कार कर दिया। लेकिन मौखिक रूप से उन्होंने इस बात की पुष्टि की है कि वे संगठन के सोसाइटी स्टेट्स के बारे में ग्रीनपीस इंडिया के कानूनी आधार की जाँच कर रहे हैं।
ग्रीनपीस इंडिया के कार्यक्रम निदेशक (प्रोग्राम डायरेक्टर) दिव्या रघुनंदन ने कहा, “गृह मंत्रालय की आशा के विपरीत ग्रीनपीस इंडिया ज्यादा मजबूती से उभर कर सामने आया है। इसी का परिणाम है कि दिल्ली में अधिकारियों द्वारा संस्था को बंद करने के नये रास्ते खोजे जा रहे हैं। आज की कार्रवाई पिछले हफ्ते हाईकोर्ट के द्वारा हमे घरेलू बैंक खातों का इस्तेमाल करने की इजाजत देने की प्रतिक्रिया लग रही है। हम अभी भी डरे नहीं हैं, लेकिन जैसा कि हमने हमेशा किया है हम इस बार भी सरकार को जांच में पूरी तरह सहयोग करेंगे”।
ग्रीनपीस इंडिया ने बताया कि 12 जून को उसे टैक्स सुनवाई के लिये बुलाया गया है और हमारे अकाउंटेंट को एक बड़े टैक्स बिल के लिये तैयार रहने को भी कहा गया है। ग्रीनपीस इंडिया चैरिटी संस्था है और इसलिए उसे अधिकांश करों से मुक्त किया जाना चाहिए, लेकिन सरकार ने कई चीजों पर टैक्स छूट को खत्म करने की तैयारी कर ली है।
ग्रीनपीस को इस बात की आशंका है कि उसके उपर लगभग 3 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टैक्स थोपा जाएगा, जो ग्रीनपीस इंडिया द्वारा अगले कुछ महीनों तक किए जाने वाले काम के पैसे का बहुत बड़ा हिस्सा है। इसका परिणाम वैसा ही होगा जैसा कि सरकार द्वारा ग्रीनपीस के राष्ट्रीय बैंक खातों को बंद करने के बाद उत्पन्न हो गया था।
दिव्या ने कहा, “इस सप्ताह हमारे सोसाइटी स्टेट्स की जांच की जा रही है, अगले हफ्ते हम भारी टैक्स बिल का सामना करेंगे। यह पैटर्न स्पष्ट रुप से सरकार द्वारा हमें परेशान करने की साजिश है। हमारे उपर जंगल को बचाने, साफ हवा की मांग करने जैसे सफल अभियानों की वजह से सरकार फंदा कस रही है लेकिन इस बार वो नौकरशाही के माध्यम से कर रही है”।
दिव्या ने कहा, “इन घटनाओं के लिये हमारा सीधा जवाब है। हम वायु प्रदुषण और स्वच्छ पर्यावरण के लिये अपना अभियान जारी रखेंगे। इस तरह के मनमाने कार्रवाई से हम अपने अभियानों के लिये और दिन प्रतिदिन मजबूत होते जा रहे हैं और जनता का अधिक से अधिक समर्थन मिल रहा है। हम पिछले कुछ हफ्तों से लगातार भेजे जा रहे सकारात्मक संदेशों के लिये शुक्रगुजार हैं”।


