ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कों की ठीक करने के लिए गोण्डा से छिड़ी मुहिम
ग्रामीण इलाकों में सड़के ठीक न करने की नीति एक भ्रष्ट और मुनाफाखोर राजनीति की उपज है
गोण्डा 1 अगस्त 2015। हमारी सड़कें ठीक करो मुहिम के तहत आज यूपी के पिछड़े जिलों में शुमार गोण्डा के ग्रामीण क्षेत्र गौरा चौकी से मुहिम छेड़ते रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब और इंसाफ मुहिम के साथी लक्ष्मण प्रसाद ने सरकार को चेतावनी दी की अगर सड़के ठीक नहीं हुई तो पूरे सूबे के ग्रामीण क्षेत्रों से आंदोलन छेड़ा जाएगा।

मुहिम में शामिल सैकड़ों ग्राम व क्षेत्रवासियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन भेजा।

रिहाई मंच के अध्यक्ष मुहम्मद शुऐब ने कहा कि सूबे के मुख्यमंत्री के बड़े-बड़े हाईवे का सपना जहां किसानों से उनकी जमीने छीन रहा है तो वहीं सूबे के किसी भी जिले में जिला मुख्यालय व उससे ग्रामीण इलाकों को जोड़ने वाली सड़कों में गड्ढों में सड़के खोजना पड़ता है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सड़के ठीक न करने की नीति एक भ्रष्ट और मुनाफाखोर राजनीति की उपज है। क्योंकि कृषि और किसानों को जिस तरह से हाशिए पर रखा गया है वैसे में उनके जीवन स्तर और मूलभूत सुविधाओं से काटने की यह नीति है।

गांवों में एक तो चिकित्सा की सुविधा नहीं है दूसरे शहर ले जाते वक्त सड़कों का हाल इतनी खस्ता है कि आदमी रास्ते में ही दम तोड़ देता है।

अभियान में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मण प्रसाद ने कहा कि टोल प्लाजा के नाम पर पूरे प्रदेश में सरकार के सरंक्षण में अवैध धंधा चल रहा है। हाईवे बनाते समय सरकार कहती है कि पीपीपी मॉडल और सड़क बन जाने के बाद सिर्फ एक पी बचता है जो उसी जनता से पैसा वसूलता है जिसकी जमीन को वह उससे हथियाया होता है। समाजवादी पाटी के कारपोरेट समाजवाद के लूट के मॉडल को अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि बाराबंकी से गोण्डा, मनकापुर-उतरौला-बलरामपुर। लकड़मंडी से मनकापुर, मनकापुर से सादुल्लानगर-गौरा चौकी-बभनान होते हुए हरैया। बभनान से मनकापुर। लकड़मंडी से मसकनवा-गौरा चौकी-डुमरियागंज। गोण्डा से उतरौला होते हुए बेवां चौराहा वाले क्षेत्रों की सड़कों को ‘हमारी सड़के ठीक करो’ मुहिम के प्रथम चरण में लिया गया है। ठीक इसी तरह पूरे सूबे में जगह-जगह इस सवाल पर आंदोलन किया जाएगा।