हिंदी विश्वविद्यालय से अब घर बैठे कीजिए बी.एड. की पढ़ाई
हिंदी विश्वविद्यालय से अब घर बैठे कीजिए बी.एड. की पढ़ाई
वर्धा, 24 मार्च 2015; हिंदी भाषा को ज्ञान-विज्ञान की भाषा के रूप में समृद्ध करने के उद्देश्य से स्थापित महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय (केंद्रीय विश्वविद्यालय), वर्धा के दूर शिक्षा निदेशालय से अब आप घर बैठे बी.एड. की भी पढ़ाई कर सकेंगे। विश्वविद्यालय के शिक्षा विद्यापीठ की पहल पर एन.सी.टी.ई. द्वारा दूर शिक्षा के माध्यम से बी.एड. पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए 500 सीटें तथा नियमित पाठ्यक्रम के तहत 50 सीटें स्वीकृत हुई हैं। विश्वविद्यालय नए सत्र (2015-16) से दो साल का बी.एड. (नियमित एवं दूर शिक्षा माध्यम) पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है।
कुलपति प्रो.गिरीश्वर मिश्र से पूछने पर उन्होंने बताया, हिंदी विश्वविद्यालय से बी.एड. करने का अनुभव खास होगा जो विद्यार्थियों को न केवल अच्छे शिक्षक बनने के लिए प्रेरित करेगा बल्कि उनके व्यक्तित्व का भी विकास करने में सहायक होगा। यह पाठ्यक्रम उन्हें एक विचारशील व्यक्ति बनाएगा जो एक शिक्षक की विशेषता है। उन्होंने कहा कि हिंदी केवल भाषा नहीं, एक चेतना है और उसी चेतना के लिए स्थापित यह विश्वविद्यालय महज एक अध्ययन का केंद्र ही नहीं, बल्कि हिंदी का अभियान है। हाल ही में विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ने ‘ए’ ग्रेड प्रदान किया है। अगले सत्र से यूनिवर्सिटी बी.ए. और बी.कॉम. पाठ्यक्रम भी शुरू करने की तैयारी में है। इसके साथ ही साइंस और टेक्नोलॉजी विद्यापीठ भी प्रारंभ करने की योजना प्रस्तावित है।
शिक्षा विद्यापीठ के अधिष्ठाता और दूर शिक्षा निदेशालय के निदेशक प्रो.अरविंद झा का कहना है कि दरअसल यह विश्वविद्यालय उन सभी व्यक्तियों के लिए रोज़गारपरक शिक्षा प्राप्ति का भी एक बेहतर अवसर प्रदान कर सकेगा जो पढ़ाई के लिए इच्छा रखते हुए भी किसी कारणवश बी.एड. की पढाई नहीं कर सकते हैं। यहां बी.एड का पाठ्यक्रम चुनाव आधारित क्रेडिट प्रणाली (सी.बी.सी.एस.) पर बना है। चुनाव आधारित क्रेडिट प्रणाली का उद्देश्य विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार विषय पढ़ने का अवसर प्रदान करना है। बी.एड. के विद्यार्थी अंतरानुशासनिक विषयों (यथा जनसंचार, साहित्य, भाषा तकनीक, स्त्री अध्ययन, नाट्यकला और समाज कार्य आदि) को अपनी पसंद के अनुसार चुन सकते हैं। इससे उन्हें इन विषयों को समझने का मौका मिलेगा। इतना ही नहीं विद्यालयी अनुभव को समृद्ध करने के लिए उन्हें छह माह तक विद्यालयों में कार्य करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विद्यापीठ के मुक्तिबोध भवन में आवश्यक संसाधनों, जैसे- प्रयोगशालाएं, संसाधन कक्ष, पुस्तकालय, कंप्यूटर कक्ष आदि प्रारंभ किए जा चुके हैं। पाठ्यक्रम की विस्तृत जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाइट www.hindivishwa.org पर लॉग-आन किया जा सकता है या दूरभाष 07152-230908/232957/255360/ 241040 पर संपर्क किया जा सकता है।


