हिंदू साम्प्रदायिकता को खुद हिंदू ही नष्ट करेगा, मुस्लिम कट्टरवादिता को मुसलमान ही दफ़न करेंगे
हिंदू साम्प्रदायिकता को खुद हिंदू ही नष्ट करेगा, मुस्लिम कट्टरवादिता को मुसलमान ही दफ़न करेंगे
दादरी में अख़लाक़ की पशुपुत्रों द्वारा की गयी निर्मम हत्या के बाद देश के बुद्धिजीवी वर्ग ने जिस प्रखर प्रतिरोध का मुज़ाहिरा किया है, जिस तरह लेखकों ने अपने सरकारी पुरुस्कारों का लात मार कर देश के बिगड़ते सांप्रदायिक माहौल और असहमति रखने वाले लेखकों की हत्याओं के प्रति अभूतपूर्व एकजुटता दिखाई है, वह अपने आप में एक ऐतिहासिक परिघटना है.
मेरा सदैव स्पष्ट मत रहा है कि
ओवैसी टाइप के राजनीतिक लंपट जब हिन्दू साम्प्रदायिकता के खिलाफ बोलते हैं तो दरअसल वह मुस्लिम सम्प्रदायिकरण कर हिन्दू बुनियाद परस्तों ही बल देते हैं.
यह बात मुसलमानों की समझ में आनी चाहिए कि
शमशाद इलाही शम्स


