गोरखपुर 19 दिसम्बर। ‘हिन्दू-मुस्लिम एकता व मुस्लिम अधिकार व सम्मान दिवस’ का आयोजन प्रेस क्लब सभागार गोरखपुर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डा0 मो0 मोहसिन खाँ व अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार प्रो0 अनन्त मिश्र के द्वारा किया गया। कार्यक्रम में हिन्दू-मुस्लिम एकता के बेजोड़ उदाहरण अमर शहीद अशफाक उल्ला खाँ व रामप्रसाद विस्मिल के शहादत को नमन किया गया।
कार्यक्रम के संयोजक कालीशंकर ने हिन्दू-मुस्लिम एकता व मुस्लिम अधिकार व सम्मान दिवस का घोषणा, अधिकार व माँग-पत्र जारी किया, जिसमें हिन्दू-मुस्लिम सद्भावना और आपसी प्रेम, भाईचारे को विकसित करने तथा मुस्लिमों को समाज में उनके सम्मान और अधिकारों की रक्षा के लिए व आतंकवाद एवं साम्प्रदायिकता के खिलाफ लड़ने हेतु ‘हिन्दुस्तान फ्रंट’ के गठन की घोषणा की है।
अधिकार व मांग-पत्र में धर्म के नाम पर साम्प्रदायिकता व दंगा फैलाने वालों एवं जबरन धर्मान्तरण कराने वालों को तत्काल गिरफ्तार कर उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा चलाया जाय या आजीवन कारावास या फांसी देने की मांग की गयी है।
माँग-पत्र में मुस्लिमों को उनकी आबादी के हिसाब से लोक सभा व विधान सभाओं में प्रतिनिधित्व देने तथा नौकरियों व योजनओं में अलग से मुस्लिम कोटा निर्धारित करने तथा उनके स्वास्थ्य शिक्षा और रोजगार के लिए एक अलग मुस्लिम कल्याण विभाग या मंत्रालय बनाने की माˇग की गयी है।
अमर शहीद अशफाक उल्ला खाँ व रामप्रसाद विस्मिल की मुर्तियों को पार्कों में संयुक्त रूप से लगाया जाय तथा पार्कों का नामकरण हिन्दू-मुस्लिम एकता पार्क अथवा सद्भावना पार्क रखने की माँग हुई।
कार्यक्रम में सहसंयोजक नईम सिद्धिकी ने कहा कि हिन्दु-मुस्लिम एकता के लिए आज का यह कार्यक्रम बहुत ही महत्वपूर्ण है और इस तरह के कार्यक्मों का आयोजन लगातार होते रहना चाहिए जिससे साम्प्रदायिक सद्भावना व देश की एकता-अखण्डता मजबूत हो सके।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष डा0 मो0 मोहसिन खाँ ने कहा कि समाजवादी पार्टी की सरकार लगातार विकास कार्यों को प्राथमिकता दे रही है तथा साम्प्रदायिकता फैलाने वालों पर कड़ी कार्यवाही कर रही है। हिन्दुस्तान तभी मजबूत होगा जब दोनों कौमें एकसाथ मिलकर संयुक्त योगदान दें।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए प्रसिद्ध साहित्यकार प्रो0 अनन्त मिश्र ने कहा कि जो लोग तुष्टीकरण को गलत बताते हैं वह खुद ही गलत हैं। तुष्टीकरण पूर्णरूप से सही है। क्योंकि कमजोर लोगांे की मदद करना तुष्टीकरण नहीं कहलाता। देश की आजादी से लेकर आज तक देश के विकास व देश को मजबूत करने में हिन्दु-मुसलमान का योगदान महत्वपूर्ण रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से दरखसा ताजवर, गाजी इमाम आला, प्रहलाद यादव, कीर्तिनिधि पाण्डेय, सैफी खान, इसराक अब्बासी, मिर्जा कदीर बेग, दिग्विजयनाथ पाण्डेय, अब्दुल मजीद, रामनरायण यादव, रामनाथ यादव, किसान सिंह, सज्जाक खान, नबी हसन, राजेन्द्र यादव, जलालुद्दीन, हाजी तव्वहर हुसैन, रमजान अली, सोमनाथ यादव, अर्जुन यादव, शकील भाई, परमेश्वर यादव, गिरिजेश यादव, खरभान यादव, आदि ने अपने विचारों को व्यक्त किया।