हुड्डा सरकार के बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने अपने पद से इस्तीफा दिया
हुड्डा सरकार के बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने अपने पद से इस्तीफा दिया
कैप्टन अजय यादव के इस्तीफे से राजनीतिक गलियारों में हलचल
कमलजीत अविनाशी
चण्डीगढ़। दक्षिण हरियाणा कांग्रेस के कद्दावर नेता कैप्टन अजय यादव ने मंगलवार को चंडीगढ़ में मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया। कैप्टन ने मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुडा पर दक्षिण हरियाणा में भेदभाव और नौकरिओं में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया है। हालंकि कैप्टन अजय यादव ने साफ किया कि फिलहाल वो कांग्रेस नहीं छोड़ रहे हैं।
विधान सभा चुनाव से पहले पार्टी में एकजुटता लाने की कांग्रेस की मुहिम को बडा झटका लगा है। प्रदेश के बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव ने एक बार फिर मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा पर विकास में भेदभाव का आरोप लगाते हुए अपने मंत्रीपद से इस्तीफा दे दिया है। कैप्टन अजय यादव मंगलवार सुबह खुद चलकर चंडीगढ़ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पहुंचे और अपना इस्तीफा दे दिया। उन्होंने कहा कहा पार्टी लोकसभा चुनाव में हुई गलतियों से सीख नहीं रही है और गलतियों को लगातार दोहराया जा रहा है। उन्होंने साफ़ कहा कि सरकार नौकरियों में भेदभाव कर रही है उनके इलाके में विकास में भेदभाव किया जा रहा है। कैप्टन नेकहा कि वो अपने इलाके के लिए एक एम बी बी एस कालेज के लिए प्रयास कर रहे थे लेकिन वो कागज़ों में ही बनकर रह गया।
कैप्टन ने सीएम की ओर इशारा करते हुए कहा कि उनकी हैसियत है और वो किसी के पिछलग्गू नहीं बनना चाहते हैं और उनके स्वाभिमान को ठेस लगी है इसीलिए उन्होंने इस्तीफा दिया है। हालंकि उन्होंने कहा कि कांग्रेस छोड़ने का उनका कोई इरादा नहीं है।
कैप्टन अजय यादव ने भले ही विकास में भेदभाव का आरोप लगाकर मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया हो लेकिन ये सवाल तो उनसे पूछा ही जायेगा कि आखिर 9 साल तक मंत्रिमंडल में रहकर विधान सभा चुनाव से पहले उन्हें इस्तीफे की याद क्यों आई?
राज्य में सुचना आयुक्त तथा सेवा का अधिकार आयोग के आयुक्तों की नियुक्ति का विवाद अभी थमा नहीं था कि बिजली मंत्री कैप्टन अजय यादव के इस्तीफे ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी। आज कैप्टन अजय यादव ने मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा पर दक्षिण हरियाणा से भेदभाव तथा नौकरियों में पक्षपात का आरोप लगाते हुए मंत्री पद से इस्तीफा देकर सरकार की मुश्किलें और बढ़ा दी। इससे पहले वरिष्ठ नेता वीरेंदर सिंह डूमरखां मुख्यमंत्री पर हर रोज भेदभाव के आरोप लगा रहे हैं। रोहतक के सियासी हलकों में आज दिन भर बदलते घटनाक्रम को लेकर कयास लगते रहे और लेटेस्ट अपडेट के लिए लोग अपने टीवी सेटों से चिपक कर बैठे रहे। इस सबके बीच मुख्यमंत्री विरोधी खेमे की एक और वरिष्ठ मंत्री किरण चौधरी के इस्तीफा देने की अफवाहें भी गरम रहीं। लोकसभा चुनाव में अपनी बेटी श्रुति की हार के बाद से ही किरण चौधरी भी तीखे तेवर अपनाये हुए थीं। वो अपनी बेटी के खिलाफ भितरघात करने वाले नेताओं के खिलाफ कारवाई चाहती थीं। वहीँ मुख्यमंत्री समर्थक इसे दबाव की राजनीति बताते हुए कहते हैं कि आलाकमान पहले ही मुख्यमंत्री भूपेंदर सिंह हुड्डा के नेतृत्व में विधानसभा चुनाव लड़े जाने को हरी झंडी दे चुका है जिससे उनका विरोधी धड़ा बौखलाया हुआ है।


