योगी जी, तुम से पहले वो जो इक शख़्स यहाँ तख़्तनशीं था, उसको भी अपने ख़ुदा होने पे इतना ही यक़ीं था.
योगी जी, तुम से पहले वो जो इक शख़्स यहाँ तख़्तनशीं था, उसको भी अपने ख़ुदा होने पे इतना ही यक़ीं था.
आवाज़ महाराष्ट्र की – थिएटर ऑफ़ रेलेवंस
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