उष्णकटिबंधीय जंगल बचेंगे तो बचेगी अगली कैंसर की दवा? नई रिपोर्ट का बड़ा खुलासा
नई रिपोर्ट बताती है कि उष्णकटिबंधीय जंगल भविष्य की कैंसर रोधी दवाओं और नई औषधियों का सबसे बड़ा स्रोत हो सकते हैं। जानिए जंगल बचाना मानव स्वास्थ्य के लिए क्यों जरूरी है।;
Will the next cancer drug survive if tropical forests survive? Major revelation in a new report.
क्या भविष्य की जीवनरक्षक दवाएँ उष्णकटिबंधीय जंगलों में छिपी हैं? जंगलों की कटाई मानव स्वास्थ्य के लिए कितना बड़ा खतरा है
- जंगल कटे तो खो जाएंगी भविष्य की दवाएँ? वैज्ञानिकों ने क्यों जताई गंभीर चिंता
- Rainforest Medicine: उष्णकटिबंधीय जंगलों में छिपा है 7 ट्रिलियन डॉलर का स्वास्थ्य खजाना
- जलवायु ही नहीं, दवाओं का भविष्य भी बचाते हैं जंगल | नई वैश्विक रिपोर्ट
क्या भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण दवा किसी ऐसे पौधे में छिपी है जिसे विज्ञान ने अभी तक खोजा ही नहीं? एक नई वैश्विक वैज्ञानिक रिपोर्ट बताती है कि दुनिया के उष्णकटिबंधीय जंगल (Tropical Forests) केवल जलवायु परिवर्तन से लड़ने या जैव विविधता बचाने के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं हैं, बल्कि वे भविष्य की कैंसर रोधी दवाओं, नई एंटीबायोटिक्स और अन्य जीवनरक्षक औषधियों का सबसे बड़ा प्राकृतिक स्रोत भी हो सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अब तक खोजे न गए फूलदार पौधों से मिलने वाली संभावित दवाओं का व्यावसायिक मूल्य लगभग 714 अरब अमेरिकी डॉलर और सामाजिक-स्वास्थ्य लाभ सहित कुल अनुमानित मूल्य 7 ट्रिलियन डॉलर तक हो सकता है।
दवा की अगली बड़ी खोज कहीं जंगल में तो नहीं छिपी? उष्णकटिबंधीय जंगल बचाना क्यों है हमारी सेहत का भी सवाल
नई दिल्ली, 3 अगस्त २०२६. जब भी जंगलों की बात होती है, चर्चा अक्सर ऑक्सीजन, जैव विविधता या जलवायु परिवर्तन तक सीमित रह जाती है। लेकिन एक नया विश्लेषण बताता है कि उष्णकटिबंधीय जंगल केवल पृथ्वी के फेफड़े ही नहीं हैं, बल्कि भविष्य की जीवनरक्षक दवाओं का सबसे बड़ा भंडार भी हो सकते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के उष्णकटिबंधीय जंगलों में अभी तक खोजी न गई फूलदार पौधों से मिलने वाली संभावित दवाओं का व्यावसायिक मूल्य औसतन 714 अरब अमेरिकी डॉलर तक हो सकता है। यदि इन दवाओं से समाज को मिलने वाले स्वास्थ्य लाभ भी जोड़ दिए जाएँ, तो इनकी अनुमानित सामाजिक कीमत करीब 7 ट्रिलियन डॉलर बैठती है।
प्रकृति आज भी दवाओं की सबसे बड़ी प्रयोगशाला
आधुनिक चिकित्सा में प्राकृतिक स्रोतों की भूमिका आज भी बेहद महत्वपूर्ण है। रिपोर्ट बताती है कि 1940 से 2014 के बीच विकसित लगभग तीन-चौथाई कैंसर रोधी दवाएँ सीधे प्रकृति से मिलीं या उनसे प्रेरित थीं। वहीं 2014 से 2024 के बीच दुनिया में स्वीकृत 579 नई दवाओं में से 56 प्राकृतिक उत्पादों या उनके निकटवर्ती रूपों पर आधारित थीं।
इसके बावजूद वैज्ञानिकों का अनुमान है कि पौधों में मौजूद लगभग 99 प्रतिशत रासायनिक यौगिकों की अब तक जांच ही नहीं हुई है। यानी भविष्य की कई महत्वपूर्ण दवाएँ अभी भी जंगलों में छिपी हो सकती हैं।
जंगल कटे तो हमेशा के लिए खो सकता है इलाज
रिपोर्ट का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह है कि यदि किसी जंगल का एक हिस्सा नष्ट हो जाता है, तो वहां मौजूद पौधों में छिपी रासायनिक जानकारी भी हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है। यानी ऐसी संभावित दवाओं की खोज का अवसर भी खत्म हो जाता है।
विश्लेषण के अनुसार, वर्ष 2001 के बाद से उष्णकटिबंधीय वनों की कटाई के कारण करीब 86 अरब डॉलर मूल्य की संभावित दवा खोज जोखिम में पड़ चुकी है।
सबसे अधिक जोखिम किन क्षेत्रों में?
रिपोर्ट के अनुसार, संभावित दवा खोज का सबसे बड़ा हिस्सा तीन क्षेत्रों में मौजूद है।
अमेज़न बेसिन
दक्षिण-पूर्व एशिया
कांगो बेसिन
इन तीनों क्षेत्रों में मिलकर संभावित औषधीय मूल्य का आधे से अधिक हिस्सा मौजूद है। दक्षिण-पूर्व एशिया में वन कटाई के कारण संभावित नुकसान का अनुपात सबसे अधिक दर्ज किया गया है।
जंगल बचे तो अरबों डॉलर का भविष्य सुरक्षित रह सकता है
विश्लेषण बताता है कि यदि दुनिया 2030 तक वनों की कटाई रोकने के अपने अंतरराष्ट्रीय लक्ष्य को पूरी तरह हासिल कर लेती है, तो 2050 तक लगभग 79 अरब डॉलर के संभावित व्यावसायिक मूल्य और लगभग 790 अरब डॉलर के सामाजिक लाभ को सुरक्षित रखा जा सकता है।
दवा कंपनियों के लिए भी संदेश
रिपोर्ट का कहना है कि फार्मास्यूटिकल, बायोटेक्नोलॉजी और कॉस्मेटिक उद्योग सीधे तौर पर जैव विविधता से लाभ कमाते हैं। इसके बावजूद दुनिया की सबसे बड़ी दवा कंपनियों में बहुत कम कंपनियाँ ऐसी हैं जिन्होंने जैव विविधता संरक्षण में स्पष्ट और मात्रात्मक निवेश की जानकारी सार्वजनिक की है।
रिपोर्ट यह भी सुझाव देती है कि कैली फंड (Cali Fund) जैसे तंत्रों के माध्यम से उन समुदायों और देशों तक आर्थिक लाभ पहुँचाया जा सकता है जो इन जंगलों और जैव विविधता की रक्षा कर रहे हैं।
जलवायु से आगे की कहानी
जलवायु परिवर्तन की बहस में जंगलों को अक्सर केवल कार्बन भंडार के रूप में देखा जाता है। लेकिन यह अध्ययन याद दिलाता है कि जंगल मानव स्वास्थ्य, भविष्य की दवा खोज और वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
संभव है कि अगली कैंसर रोधी दवा, किसी नई एंटीबायोटिक या किसी दुर्लभ बीमारी का इलाज अभी भी किसी ऐसे पौधे में छिपा हो, जिसे विज्ञान ने अब तक देखा ही नहीं है। यदि वह जंगल समय से पहले खत्म हो गया, तो वह संभावना भी हमेशा के लिए समाप्त हो सकती है।
Q. उष्णकटिबंधीय जंगल दवा खोज के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
क्योंकि इनमें लाखों पौधों और सूक्ष्मजीवों की ऐसी प्रजातियाँ मौजूद हैं जिनके रासायनिक यौगिक भविष्य की नई दवाओं का आधार बन सकते हैं।
Q. क्या आधुनिक दवाएँ प्राकृतिक स्रोतों से बनती हैं?
हाँ। अनेक कैंसर रोधी और अन्य महत्वपूर्ण दवाएँ प्राकृतिक स्रोतों से प्राप्त या उनसे प्रेरित हैं।
Q. जंगल कटने से स्वास्थ्य पर क्या असर पड़ता है?
वनों की कटाई से संभावित औषधीय पौधे और उनके जैव-रासायनिक यौगिक हमेशा के लिए नष्ट हो सकते हैं, जिससे भविष्य की दवा खोज प्रभावित होती है।
Q. सबसे अधिक औषधीय क्षमता वाले जंगल कहाँ हैं?
अमेज़न बेसिन, कांगो बेसिन और दक्षिण-पूर्व एशिया के उष्णकटिबंधीय जंगल दुनिया के सबसे समृद्ध औषधीय जैव विविधता वाले क्षेत्र माने जाते हैं।