स्तंभ - Page 68

जिस रोज़ बग़ावत कर देंगे/ दुनिया में क़यामत कर देंगे/ ख़्वाबों को हक़ीक़त कर देंगे/ किसान हैं हम किसान हैं हम
स्तंभ

जिस रोज़ बग़ावत कर देंगे/ दुनिया में क़यामत कर देंगे/ ख़्वाबों को हक़ीक़त कर देंगे/ किसान हैं हम...

जिस रोज़ बग़ावत कर देंगे/ दुनिया में क़यामत कर देंगे/ ख़्वाबों को हक़ीक़त कर देंगे/ किसान हैं हम किसान हैं हम

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