हस्तक्षेप - Page 171
स्त्री क्या तुम केवल श्रद्धा हो? मैं फूल नहीं फूलन बनूँगी
स्त्री क्या तुम केवल श्रद्धा हो? मैं फूल नहीं फूलन बनूँगी
लेकिन तुम उस महामानव के विचारों से अब भी क्यों डरते हो?
लेकिन तुम उस महामानव के विचारों से अब भी क्यों डरते हो?
स्त्री क्या तुम केवल श्रद्धा हो? मैं फूल नहीं फूलन बनूँगी
लेकिन तुम उस महामानव के विचारों से अब भी क्यों डरते हो?