हस्तक्षेप - Page 24
डेटलाइन चण्डीगढ़ : सवाल किस पर उठा था का नहीं, किस हताशा में उठा था वह हाथ, होना चाहिए
गेट वेल सून कंगना जी !! कुलविंदर कौर जी की जगह शुभप्रीत कौर भी होती तो यही करती।
ईश्वर मर गया है ! अभी कुछ दिन और प्रेत बन कर मोदी हमारे सर पर मँडरायेंगे
लोकसभा चुनाव पर एक टिप्पणी-मोदी का फिर से प्रधानमंत्री बनना ही साबित करता है कि पूरी बीजेपी भारत की जन-भावनाओं के खिलाफ खड़ी हो गई है।















