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ये आँखें हैं ..कि सुनती ही नहीं मेरी कोई बात ....
ये आँखें हैं ..कि सुनती ही नहीं मेरी कोई बात ....
सुलह की कोशिशों में रात भर इक चाँद भटकता है.....
सुलह की कोशिशों में रात भर इक चाँद भटकता है.....
ये आँखें हैं ..कि सुनती ही नहीं मेरी कोई बात ....
सुलह की कोशिशों में रात भर इक चाँद भटकता है.....