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अव्यवस्थित लोकतंत्र और साहित्यिक पत्रकारिता: स्वतंत्र भारत में साहित्य का बदलता स्वरूप
यह लेख प्रोफेसर जगदीश्वर चतुर्वेदी द्वारा स्वतंत्र भारत में साहित्यिक पत्रकारिता की यात्रा, संपादकीय विवेक, सत्ता-संबंध और लेखकों की स्वायत्तता के...
ज़ोहरान ममदानी, हिटलर और लोकलुभावन राजनीति: जस्टिस काटजू का लेख
An article by Justice Katju explores the parallels between Zohran Mamdani, Hitler, and the rise of populist politics.














