Om Thanvi
चौथा खंभा

इसलिए प्रभाष जोशी से बेहतर संपादक हैं ओम थानवी

ओम थानवी की वैचारिक पत्रकारिता, जनसत्ता की संपादकीय नीति, और पलाश विश्वास की आत्मस्वीकृति का गहरा विश्लेषण, पढ़ें पलाश विश्वास की टिप्पणी लीक से हटकर

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