धर्म-समाज-त्योहार

Hazrat Nizamuddin Auliya and Amir Khusro: Sufi saints and communal harmony
स्तंभ

हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया और अमीर ख़ुसरो: सूफ़ी संत और सांप्रदायिक सद्भाव

जस्टिस मार्कंडेय काटजू और सीनियर वकील व सांसद कपिल सिब्बल ने हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया की दरगाह का दौरा किया, जब संत का 723वां उर्स मनाया जा रहा था।

हर क़ौम रास्त राहे, दीन-ए-वा क़िब्ला गाहे का क्या अर्थ है? जानिए हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के संदेश की व्याख्या
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'हर क़ौम रास्त राहे, दीन-ए-वा क़िब्ला गाहे' का क्या अर्थ है? जानिए हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के संदेश...

न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के प्रसिद्ध फ़ारसी कथन का अर्थ समझाते हुए उसे सम्राट अशोक और अकबर की धार्मिक सहिष्णुता की...

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