धर्म-समाज-त्योहार

हर क़ौम रास्त राहे, दीन-ए-वा क़िब्ला गाहे का क्या अर्थ है? जानिए हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के संदेश की व्याख्या
धर्म-समाज-त्योहार

'हर क़ौम रास्त राहे, दीन-ए-वा क़िब्ला गाहे' का क्या अर्थ है? जानिए हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के संदेश...

न्यायमूर्ति मार्कण्डेय काटजू ने हज़रत निज़ामुद्दीन औलिया के प्रसिद्ध फ़ारसी कथन का अर्थ समझाते हुए उसे सम्राट अशोक और अकबर की धार्मिक सहिष्णुता की...

The sea level is rising silently; the danger has reached us.
जलवायु परिवर्तन

समंदर का बढ़ता स्तर: एक धीमा संकट जो अब जन-स्वास्थ्य आपातकाल बन चुका है

The Lancet की नई रिपोर्ट के अनुसार समुद्र का बढ़ता स्तर अब केवल पर्यावरण नहीं, बल्कि जन-स्वास्थ्य और सामाजिक न्याय का गंभीर संकट है। जानिए इसके प्रभाव...

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